Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jul 2021 · 1 min read

*”कदंब का फूल”*

“कदंब का फूल”*
यमुना तीरे कदंब के फूल ,स्वर्णिम आभा लिए सुगंध महकाये।
विशाल वृक्ष पर झूला झूले ,राधा कृष्ण गोपियाँ मंद मंद मुस्काये।
कान्हा की मधुर बाँसुरी की सुन ,राधा संग
गोपियां दौड़ी चली आये।
कदंब पुष्प की गुच्छेदार माला पहन ,कृष्ण जी को अति मन भाये।
ब्रज की गोपियाँ हंसी ठिठोली करती,
सघन वृक्ष शाखाओं पर राधा को झूला झुलाये।
कदंब के पुष्प तरु पल्लव , छाल औषधि गुण रोग भी भगाये।
डाल डाल पात पात हरीतिमा ,पुष्प गुच्छ में तितलियाँ मकरंद लेती जाये।
सावन का संदेश देने ,कदंब मकरंद सुंगधित पुष्प गुच्छ मन को हरषाये।
शशिकला व्यास
स्वरचित मौलिक रचना

Language: Hindi
5 Likes · 1 Comment · 540 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
7. तेरी याद
7. तेरी याद
Rajeev Dutta
बेहिचक बिना नजरे झुकाए वही बात कर सकता है जो निर्दोष है अक्स
बेहिचक बिना नजरे झुकाए वही बात कर सकता है जो निर्दोष है अक्स
Rj Anand Prajapati
DR अरूण कुमार शास्त्री
DR अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जज्बात
जज्बात
अखिलेश 'अखिल'
क्या हुआ जो तूफ़ानों ने कश्ती को तोड़ा है
क्या हुआ जो तूफ़ानों ने कश्ती को तोड़ा है
Anil Mishra Prahari
मैथिली पेटपोसुआ के गोंधियागिरी?
मैथिली पेटपोसुआ के गोंधियागिरी?
Dr. Kishan Karigar
मेनका की ‘मी टू’
मेनका की ‘मी टू’
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तुम
तुम
हिमांशु Kulshrestha
बृद्ध  हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
बृद्ध हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
कविता
कविता
Rambali Mishra
⭕ !! आस्था !!⭕
⭕ !! आस्था !!⭕
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
जब मैं मंदिर गया,
जब मैं मंदिर गया,
नेताम आर सी
हृदय को भी पीड़ा न पहुंचे किसी के
हृदय को भी पीड़ा न पहुंचे किसी के
इंजी. संजय श्रीवास्तव
पराक्रम दिवस
पराक्रम दिवस
Bodhisatva kastooriya
वैनिटी बैग
वैनिटी बैग
Awadhesh Singh
चक्रवृद्धि प्यार में
चक्रवृद्धि प्यार में
Pratibha Pandey
भाव गणित
भाव गणित
Shyam Sundar Subramanian
आत्मविश्वास
आत्मविश्वास
Anamika Tiwari 'annpurna '
रमेशराज के बालमन पर आधारित बालगीत
रमेशराज के बालमन पर आधारित बालगीत
कवि रमेशराज
किसी का सब्र मत आजमाओ,
किसी का सब्र मत आजमाओ,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*नेता बेचारा फॅंसा, कभी जेल है बेल (कुंडलिया)*
*नेता बेचारा फॅंसा, कभी जेल है बेल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
है वक़्त बड़ा शातिर
है वक़्त बड़ा शातिर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
छोटी कहानी- 'सोनम गुप्ता बेवफ़ा है' -प्रतिभा सुमन शर्मा
छोटी कहानी- 'सोनम गुप्ता बेवफ़ा है' -प्रतिभा सुमन शर्मा
Pratibhasharma
नववर्ष का आगाज़
नववर्ष का आगाज़
Vandna Thakur
■ विनम्र निवेदन :--
■ विनम्र निवेदन :--
*प्रणय प्रभात*
पिता
पिता
sushil sarna
बता ये दर्द
बता ये दर्द
विजय कुमार नामदेव
कुछ तो गम-ए-हिज्र था,कुछ तेरी बेवफाई भी।
कुछ तो गम-ए-हिज्र था,कुछ तेरी बेवफाई भी।
पूर्वार्थ
"दीपावाली का फटाका"
Radhakishan R. Mundhra
लम्हें संजोऊ , वक्त गुजारु,तेरे जिंदगी में आने से पहले, अपने
लम्हें संजोऊ , वक्त गुजारु,तेरे जिंदगी में आने से पहले, अपने
Dr.sima
Loading...