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7 Feb 2023 · 1 min read

औरन को परखन चले, खुद की चिंता भूल।

औरन को परखन चले, खुद की चिंता भूल।
जब चेते तब देर भई। पथ में शूल ही शूल।

मित्र -हितैसी छूट गए, तुलना की तराजू में।
तुलना कर-कर छोड़ दिया, बचा न कोई बाजू में।

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