Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jun 2022 · 1 min read

ओ जानें ज़ाना !

ये तेरी अदाएं , हम उनपे फिदा है
सुन ले ओ मेरी जानें ज़ाना
तेरी ये फिजायें यू मुझको बुलाये
पास तो आने दे ,ओ जानें ज़ाना
साथ जो लम्हे , थे हमने बिताऐ
भूल न जाना , ओ जानें ज़ाना

ये तेरी जो जुल्फ़े , उड़ती है ऐसे
जैसे ! तितलियों का बागों में आना-जाना
ये तेरी जो आँखे , करती है बाते
सुनने दे मुझको , ओ जानें ज़ाना
ये तेरा यू हँसना , कभि मुझपे बरसना
भीगने दे मुझको ओ जानें ज़ाना
तेरे म्रग नैनों से , मोतियां गिरना
मेरा उँगलियों पर , उनको सजाना

ओ जानें ज़ाना
ओ जानें ज़ाना

चोरी चोरी तेरा , यू मिलने आना
थोड़ा शरमाना , थोड़ा घबराना
घबराके मुझको गले से लगाना
होटो को मेरे , लवो पे लगाना
प्यार जताना कभी डॉट लगाना
याद है हमको ओ जानें ज़ाना

✍️ D k

4 Likes · 1 Comment · 454 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तुम्हारे दीदार की तमन्ना
तुम्हारे दीदार की तमन्ना
Anis Shah
जब नयनों में उत्थान के प्रकाश की छटा साफ दर्शनीय हो, तो व्यर
जब नयनों में उत्थान के प्रकाश की छटा साफ दर्शनीय हो, तो व्यर
Sukoon
तेरा एहसास
तेरा एहसास
Dr fauzia Naseem shad
‘ विरोधरस ‘---7. || विरोधरस के अनुभाव || +रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---7. || विरोधरस के अनुभाव || +रमेशराज
कवि रमेशराज
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
AJAY AMITABH SUMAN
■ संदेश देतीं बांस की टोकरियाँ
■ संदेश देतीं बांस की टोकरियाँ
*Author प्रणय प्रभात*
प्रथम मिलन
प्रथम मिलन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"प्रेम रोग"
Dr. Kishan tandon kranti
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
Monika Verma
The flames of your love persist.
The flames of your love persist.
Manisha Manjari
युद्ध के विरुद्ध कुंडलिया
युद्ध के विरुद्ध कुंडलिया
Ravi Prakash
// दोहा पहेली //
// दोहा पहेली //
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
माना कि मेरे इस कारवें के साथ कोई भीड़ नहीं है |
माना कि मेरे इस कारवें के साथ कोई भीड़ नहीं है |
Jitendra kumar
तेरी यादों में लिखी कविताएं, सायरियां कितनी
तेरी यादों में लिखी कविताएं, सायरियां कितनी
Amit Pandey
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नहीं उनकी बलि लो तुम
नहीं उनकी बलि लो तुम
gurudeenverma198
1) आखिर क्यों ?
1) आखिर क्यों ?
पूनम झा 'प्रथमा'
जब मुझसे मिलने आना तुम
जब मुझसे मिलने आना तुम
Shweta Soni
बड़ी मुश्किल से लगा दिल
बड़ी मुश्किल से लगा दिल
कवि दीपक बवेजा
रिश्ते मोबाइल के नेटवर्क जैसे हो गए हैं। कब तक जुड़े रहेंगे,
रिश्ते मोबाइल के नेटवर्क जैसे हो गए हैं। कब तक जुड़े रहेंगे,
Anand Kumar
और कितनें पन्ने गम के लिख रखे है साँवरे
और कितनें पन्ने गम के लिख रखे है साँवरे
Sonu sugandh
*गलतफहमी*
*गलतफहमी*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
* प्रभु राम के *
* प्रभु राम के *
surenderpal vaidya
बरपा बारिश का कहर, फसल खड़ी तैयार।
बरपा बारिश का कहर, फसल खड़ी तैयार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
उसे भुलाने के सभी,
उसे भुलाने के सभी,
sushil sarna
दुश्मन को दहला न सके जो              खून   नहीं    वह   पानी
दुश्मन को दहला न सके जो खून नहीं वह पानी
Anil Mishra Prahari
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Republic Day
Republic Day
Tushar Jagawat
💐प्रेम कौतुक-278💐
💐प्रेम कौतुक-278💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मान बुजुर्गों की भी बातें
मान बुजुर्गों की भी बातें
Chunnu Lal Gupta
Loading...