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14 Jun 2023 · 1 min read

ओम् के दोहे

ढेर ढेर हो जात है , एक सीमा के बाद ।
ओम सदा हद में रहें , हो जायें बर्बाद ।।

प्रकृति पूजक बने रहें , करें प्रकृति से प्यार ।
ओम जब विपरीत चलें , सह न सकेंगे मार ।।

मानव मानव से करे , मानवता व्यवहार ।
ओम जब अमानव हुए , जीत बन जाए हार ।।

ओम प्रकाश भारती ओम् ्

Language: Hindi
1 Like · 260 Views
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