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27 Jun 2016 · 1 min read

ऐ सामरिक कब आएगा

ऐ सामरिक कब आएगा…………
_________________________________

किस सृजन में है लगा
ऐ सामरिक कब आएगा ।
सज्जनें हैं व्यग्र जग में
सत्य कब फैलाएगा ।।
किस सृजन में………………………..

वक्त है कम काम ज्यादा
जाग जग है सो रहा ।
हर डगर पर अब तलक
अन्याय ही बस हो रहा ।।
किस सृजन में……………………..

सत्य युग के सुप्रभा
लेकर सहर है आ रहा ।
कर्म योगी हो के तुम
अब तक कहाँ सोता रहा ।।
किस सृजन में……………………..

हर दुखों का एक ही
अंतिम दवा है देख ले ।
न्याय को मानस पटल पर
जड के जादू देख ले ।।
किस सृजन में………………………

“न्याय की स्थापना” को
जिंदगी तू मान ले ।
तुझमे भी दिव्यांश है
इस बात को तू जान ले ।।
किस सृजन में………………………

हे प्रभा के स्रोत! मैं हूँ
कर रहा तुझको नमन ।
मन को वो शक्ति दिला
जो सत्य को पहचान ले ।।
किस सृजन में……………………..

सामरिक अरुण
NDS झारखण्ड
31 मार्च 2016
www.nyaydharmsabha.org

Language: Hindi
Tag: कविता
297 Views
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