Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 May 2022 · 1 min read

एक संकल्प

मैं तूफान-सा, आँधी-सा चला आऊँगा
जले हुए दीप में मैं
खुद को जला जाऊँगा,
ये दीवार-ना रोकेगी मुझको,
ये पहाड़ ना रोक पाएगा
हर क्षण, हर पल मैं अपनी गति बढ़ाऊँगा
मैं तूफान-सा, आँधी-सा चला आऊँगा |

ये वक्त तो गुजर रहा
वो वक्त भी जल्द ही आएगा
इष्ट-ए-दिल की मेरी
जिसमें पूर्ण हो जाएगा |

मेहनत में ना कोई कसर छोडूँगा
टूटे हुए दिल में भी जोश भरूँगा
फ़तह का मंत्र मालूम नहीं
पर परिश्रम करना ना भूलूँगा
मैं तूफान-सा, आँधी-सा चला आऊँगा |

कहते हैं मेहनत कभी बेकार नहीं जाती
सारी बात हार जीत से नहीं की जाती
जो बीत गया सो बात गई
जुट जाऊँगा काम करने, अपने भविष्य के लिए
छोड़ जाऊँगा छाप ऐसा
याद करेगा पूरा ज़माना हमेशा |

Language: Hindi
3 Likes · 398 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जब एक ज़िंदगी
जब एक ज़िंदगी
Dr fauzia Naseem shad
अफ़सोस का बीज
अफ़सोस का बीज
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
🇭🇺 युवकों का निर्माण चाहिए
🇭🇺 युवकों का निर्माण चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
■ आप भी बनें सजग, उठाएं आवाज़
■ आप भी बनें सजग, उठाएं आवाज़
*Author प्रणय प्रभात*
पार्क
पार्क
मनोज शर्मा
राम
राम
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
इंसान
इंसान
विजय कुमार अग्रवाल
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
धोखा
धोखा
Sanjay ' शून्य'
तेरी यादें
तेरी यादें
Neeraj Agarwal
बचपन की यादों को यारो मत भुलना
बचपन की यादों को यारो मत भुलना
Ram Krishan Rastogi
बात बात में लड़ने लगे हैं _खून गर्म क्यों इतना है ।
बात बात में लड़ने लगे हैं _खून गर्म क्यों इतना है ।
Rajesh vyas
नयी सुबह
नयी सुबह
Kanchan Khanna
News
News
बुलंद न्यूज़ news
कुछ लिखा हैं तुम्हारे लिए, तुम सुन पाओगी क्या
कुछ लिखा हैं तुम्हारे लिए, तुम सुन पाओगी क्या
Writer_ermkumar
‘ विरोधरस ‘---6. || विरोधरस के उद्दीपन विभाव || +रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---6. || विरोधरस के उद्दीपन विभाव || +रमेशराज
कवि रमेशराज
लाठी बे-आवाज (कुंडलिया)
लाठी बे-आवाज (कुंडलिया)
Ravi Prakash
देवदासी प्रथा
देवदासी प्रथा
Shekhar Chandra Mitra
ये चिल्ले जाड़े के दिन / MUSAFIR BAITHA
ये चिल्ले जाड़े के दिन / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
ज़िंदगी है,
ज़िंदगी है,
पूर्वार्थ
मोल नहीं होता है देखो, सुन्दर सपनों का कोई।
मोल नहीं होता है देखो, सुन्दर सपनों का कोई।
surenderpal vaidya
आँगन की दीवारों से ( समीक्षा )
आँगन की दीवारों से ( समीक्षा )
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
💐प्रेम कौतुक-333💐
💐प्रेम कौतुक-333💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
"दूब"
Dr Meenu Poonia
असली हीरो
असली हीरो
Soni Gupta
अकेले-अकेले
अकेले-अकेले
Rashmi Sanjay
मैं मांझी सा जिद्दी हूं
मैं मांझी सा जिद्दी हूं
AMRESH KUMAR VERMA
फूल मोंगरा
फूल मोंगरा
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
श्वान प्रेम
श्वान प्रेम
Satish Srijan
करना था यदि ऐसा तुम्हें मेरे संग में
करना था यदि ऐसा तुम्हें मेरे संग में
gurudeenverma198
Loading...