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28 Aug 2021 · 1 min read

एक प्रण

जो पल गुजर रहे हैं
वह आने वाले पलों से
बेहतर प्रतीत हो रहे हैं
मैं बेवजह ही समय को
कोस कोसकर तब
रोया करती थी
अब भी रो रही हूं
मैं आज एक प्रण लेती हूं कि
अब इसी पल से नहीं
रोऊंगी
क्या पता आने वाले पलों में
फिर बीते हुए पलों को
याद करके
मैं यही बात दोहराऊं।

मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) – 202001

Language: Hindi
1 Like · 166 Views
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