Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 May 2024 · 1 min read

उमंग जगाना होगा

#दिनांक:- 16/5/2024
#शीर्षक:- उमंग जगाना होगा

पत्थर पेट में बांधकर,
कब तक भूख सहेगी जिन्दगी ??
कैसे बदलेगी फुटपाथ की जिन्दगी ??
दो जून की रोटी के लिए,
कब तक शरीर तपायेगी जिन्दगी ??
सड़क इनका रैन बसेरा,
बच्चे थामे हाथ में कटोरा,
क्या ऐसी ही चलेगी जीवन भर जिन्दगी ??
जीवनपर्यंत कटेगी ऐसी कैसी जिन्दगी??
जागो बदलो खुद अपनी किस्मत
अपनी जिन्दगी ।
साक्षरता को बढ़ाना होगा,
बच्चे-बच्चे को पढ़ाना होगा,
एकरुपता का उमंग जगाना होगा,
जातिवाद को मिटाना होगा,
अलख, संघर्षरत जीवन में,
आत्मनिर्भरता का जगाना होगा,
हाँ-हाँ मानव से मानव का,
हर द्वेष मिटाना होगा ।
जागृत जब हो जायेगा हर नर,
सरस्वती पहुंच जायेगी घर-घर,
खुशहाल बन जायेगी सबकी जिन्दगी,
फिर नहीं रहेगी फुटपाथ पर जिन्दगी |

रचना मौलिक, स्वरचित और सर्वाधिकार सुरक्षित है|
प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई

Language: Hindi
1 Like · 26 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अखंड भारत
अखंड भारत
विजय कुमार अग्रवाल
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet kumar Shukla
वो शख्स अब मेरा नहीं रहा,
वो शख्स अब मेरा नहीं रहा,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
ख्वाहिश
ख्वाहिश
Neelam Sharma
मैंने बार बार सोचा
मैंने बार बार सोचा
Surinder blackpen
RAKSHA BANDHAN
RAKSHA BANDHAN
डी. के. निवातिया
बेटियां ज़ख्म सह नही पाती
बेटियां ज़ख्म सह नही पाती
Swara Kumari arya
गाली भी बुरी नहीं,
गाली भी बुरी नहीं,
*प्रणय प्रभात*
ग़ज़ल के क्षेत्र में ये कैसा इन्क़लाब आ रहा है?
ग़ज़ल के क्षेत्र में ये कैसा इन्क़लाब आ रहा है?
कवि रमेशराज
Kya kahun ki kahne ko ab kuchh na raha,
Kya kahun ki kahne ko ab kuchh na raha,
Irfan khan
ईश ......
ईश ......
sushil sarna
प्रीत प्रेम की
प्रीत प्रेम की
Monika Yadav (Rachina)
इक पखवारा फिर बीतेगा
इक पखवारा फिर बीतेगा
Shweta Soni
"वृद्धाश्रम"
Radhakishan R. Mundhra
हंसें और हंसाएँ
हंसें और हंसाएँ
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
किसी नदी के मुहाने पर
किसी नदी के मुहाने पर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
चलो...
चलो...
Srishty Bansal
फितरत
फितरत
Dr.Priya Soni Khare
एक तो गोरे-गोरे हाथ,
एक तो गोरे-गोरे हाथ,
SURYA PRAKASH SHARMA
फूल भी हम सबको जीवन देते हैं।
फूल भी हम सबको जीवन देते हैं।
Neeraj Agarwal
शिक्षार्थी को एक संदेश🕊️🙏
शिक्षार्थी को एक संदेश🕊️🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
ख़ुद के प्रति कुछ कर्तव्य होने चाहिए
ख़ुद के प्रति कुछ कर्तव्य होने चाहिए
Sonam Puneet Dubey
सज़ल
सज़ल
Mahendra Narayan
दिल चेहरा आईना
दिल चेहरा आईना
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
भारत माता की संतान
भारत माता की संतान
Ravi Yadav
इश्क अमीरों का!
इश्क अमीरों का!
Sanjay ' शून्य'
"तरक्कियों की दौड़ में उसी का जोर चल गया,
शेखर सिंह
"बहुत दिनों से"
Dr. Kishan tandon kranti
महुब्बत
महुब्बत
Vibha Jain
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
Lokesh Sharma
Loading...