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Oct 28, 2016 · 1 min read

उतर जाते हो

जब कलम बन कागज पर उतर जाते हो
प्रणय का एक पैगाम मुझे दे रहे होते हो ।
होठ कहते कहते अनायास रूक जाते है
मुस्कराता चेहरा भेद सब खोल जाता है।

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