Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2023 · 1 min read

इबादत

कुछ गुज़र गई, कुछ गुज़र जाएगी
ये जिंदगी पल पल यूं ही निकल जायेगी

वो साथ है,जो दुनिया है मेरी,
उनके साथ ही जिंदगी संवर जाएगी।

हमारे दरमियां खामोश दरिया बहता है
शब्दों के पर्वत से भी शांति से बह जायेगी

तूफानों से डर अब इसे नही लगता
डर के समंदर से भी कश्ती अपनी निकल जायेगी

उसकी रहमतों का तहेदिल से शुक्रिया है
वो खुदा है मेरा उसकी इबादत से तसल्ली सी मिल जायेगी।

Language: Hindi
137 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*
*"मुस्कराने की वजह सिर्फ तुम्हीं हो"*
Shashi kala vyas
यदि मैं अंधभक्त हूँ तो, तू भी अंधभक्त है
यदि मैं अंधभक्त हूँ तो, तू भी अंधभक्त है
gurudeenverma198
मेरा एक मित्र मेरा 1980 रुपया दो साल से दे नहीं रहा था, आज स
मेरा एक मित्र मेरा 1980 रुपया दो साल से दे नहीं रहा था, आज स
Anand Kumar
आनंद और इच्छा में जो उलझ जाओगे
आनंद और इच्छा में जो उलझ जाओगे
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
सफलता
सफलता
Babli Jha
दोहे - नारी
दोहे - नारी
sushil sarna
2400.पूर्णिका
2400.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
गुरु सर्व ज्ञानो का खजाना
गुरु सर्व ज्ञानो का खजाना
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मुक्तक... हंसगति छन्द
मुक्तक... हंसगति छन्द
डॉ.सीमा अग्रवाल
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
सत्य कुमार प्रेमी
*जन्म-मरण : नौ दोहे*
*जन्म-मरण : नौ दोहे*
Ravi Prakash
#क़तआ (मुक्तक)
#क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
इक धुँधला चेहरा, कुछ धुंधली यादें।
इक धुँधला चेहरा, कुछ धुंधली यादें।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
तेरे संग ये जिंदगी बिताने का इरादा था।
तेरे संग ये जिंदगी बिताने का इरादा था।
Surinder blackpen
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
Swati
वो जो ख़ामोश
वो जो ख़ामोश
Dr fauzia Naseem shad
इस मोड़ पर
इस मोड़ पर
Punam Pande
सबला
सबला
Rajesh
इन तन्हाइयो में तुम्हारी याद आयेगी
इन तन्हाइयो में तुम्हारी याद आयेगी
Ram Krishan Rastogi
इश्क जितना गहरा है, उसका रंग उतना ही फीका है
इश्क जितना गहरा है, उसका रंग उतना ही फीका है
पूर्वार्थ
रोशनी का पेड़
रोशनी का पेड़
Kshma Urmila
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
देकर हुनर कलम का,
देकर हुनर कलम का,
Satish Srijan
दोहे
दोहे "हरियाली तीज"
Vaishali Rastogi
लक्ष्मी
लक्ष्मी
Bodhisatva kastooriya
साहित्य सत्य और न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है।
साहित्य सत्य और न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है।
पंकज कुमार कर्ण
किस किस से बचाऊं तुम्हें मैं,
किस किस से बचाऊं तुम्हें मैं,
Vishal babu (vishu)
सत्यता वह खुशबू का पौधा है
सत्यता वह खुशबू का पौधा है
प्रेमदास वसु सुरेखा
सुबुधि -ज्ञान हीर कर
सुबुधि -ज्ञान हीर कर
Pt. Brajesh Kumar Nayak
पितरों के लिए
पितरों के लिए
Deepali Kalra
Loading...