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18 Jul 2016 · 1 min read

आसमान में बदरा छाये

आसमान में बदरा छाये
देख कृषक मन भी हरषाये

धरती माँ की प्यास बुझाने
फसलों के तन को सहलाने
बूंदों का संगीत सुनाने
रिमझिम रिमझिम जल बरसाये
आसमान में बदरा छाये

किस्मत अपनी भी बदलेगी
धरती अब सोना उगलेगी
मीठे मीठे प्यारे प्यारे
आँखों में आ स्वप्न सजाये
आसमान में बदरा छाये

क़र्ज़ किसानों पर है इतना
गिरवी तक घर उनका अपना
हरा भरा करके खेतों को
खुशियाँ ही खुशियाँ घर लाये
आसमान में बदरा छाये
डॉ अर्चना गुप्ता

Language: Hindi
Tag: गीत
224 Views
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