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20 Apr 2018 · 1 min read

“आपने क्या कभी ख़याल किया”*

“आपने क्या कभी ख़याल किया”
रोज़ मुझसे नया सवाल किया

ज़िन्दगी आपकी बदौलत थी
आपने कब मिरा ख़याल किया

राज़े-दिल कह न पाए हम लेकिन
दिल ने इसका बहुत मलाल किया

ज़ोर ग़ैरों पे जब चला न कोई
आपने मुझको ही हलाल किया

है “महावीर” शेर ख़ूब तिरे
लोग कहते हैं क्या कमाल किया

* “आपने क्या कभी ख़याल किया” यह मिसरा परम आदरणीय तुफ़ैल चतुर्वेदी जी (संपादक “लफ़्ज़”) ने परीक्षा स्वरुप दिया था। जिसे ख़ाकसार ने पाँच शेर में तत्काल मौक़े पर कहा।

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