Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Apr 2024 · 1 min read

आना भी तय होता है,जाना भी तय होता है

आना भी तय होता है,जाना भी तय होता है
अपना-अपना किरदार निभाना भी तय होता है,
मगर जाने के बाद भी जो याद रह जाते हैं
स्मृतियों में वंदनीय हो पाते हैं
वही इस धरा की गरिमा कहलाते हैं।
नमन!!

68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shweta Soni
View all
You may also like:
ज़रा सी  बात में रिश्तों की डोरी  टूट कर बिखरी,
ज़रा सी बात में रिश्तों की डोरी टूट कर बिखरी,
Neelofar Khan
"" *भारत* ""
सुनीलानंद महंत
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
कवि रमेशराज
इश्क का इंसाफ़।
इश्क का इंसाफ़।
Taj Mohammad
शहीदों को नमन
शहीदों को नमन
Dinesh Kumar Gangwar
माँ का प्यार है अनमोल
माँ का प्यार है अनमोल
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
थोड़ा थोड़ा
थोड़ा थोड़ा
Satish Srijan
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
मित्रता
मित्रता
Shashi Mahajan
चलो मनाएं नया साल... मगर किसलिए?
चलो मनाएं नया साल... मगर किसलिए?
Rachana
"मुझे हक सही से जताना नहीं आता
पूर्वार्थ
उसके पलकों पे न जाने क्या जादू  हुआ,
उसके पलकों पे न जाने क्या जादू हुआ,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*मेरी रचना*
*मेरी रचना*
Santosh kumar Miri
" मुझमें फिर से बहार न आयेगी "
Aarti sirsat
आखिर कुछ तो सबूत दो क्यों तुम जिंदा हो
आखिर कुछ तो सबूत दो क्यों तुम जिंदा हो
कवि दीपक बवेजा
भजन- सपने में श्याम मेरे आया है
भजन- सपने में श्याम मेरे आया है
अरविंद भारद्वाज
माँ की आँखों में पिता / मुसाफ़िर बैठा
माँ की आँखों में पिता / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
अधूरा सफ़र
अधूरा सफ़र
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आपसे गुफ्तगू ज़रूरी है
आपसे गुफ्तगू ज़रूरी है
Surinder blackpen
#मुक्तक
#मुक्तक
*प्रणय प्रभात*
यार ब - नाम - अय्यार
यार ब - नाम - अय्यार
Ramswaroop Dinkar
*मायूस चेहरा*
*मायूस चेहरा*
Harminder Kaur
हमें पता है कि तुम बुलाओगे नहीं
हमें पता है कि तुम बुलाओगे नहीं
VINOD CHAUHAN
'Here's the tale of Aadhik maas..' (A gold winning poem)
'Here's the tale of Aadhik maas..' (A gold winning poem)
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
चार दिन की जिंदगी किस किस से कतरा के चलूं ?
चार दिन की जिंदगी किस किस से कतरा के चलूं ?
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
दिव्य ज्ञान~
दिव्य ज्ञान~
दिनेश एल० "जैहिंद"
زندگی کب
زندگی کب
Dr fauzia Naseem shad
कहां नाराजगी से डरते हैं।
कहां नाराजगी से डरते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
आज बहुत याद करता हूँ ।
आज बहुत याद करता हूँ ।
Nishant prakhar
*भला कैसा ये दौर है*
*भला कैसा ये दौर है*
sudhir kumar
Loading...