Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Aug 2023 · 1 min read

मधुर व्यवहार

आदमी का मधुर व्यवहार ही आपसी रिश्तों में जड़ की तरह मजबूत पकड़ बनाये रखता है।

Paras Nath Jha

292 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Paras Nath Jha
View all
You may also like:
कहने से हो जाता विकास, हाल यह अब नहीं होता
कहने से हो जाता विकास, हाल यह अब नहीं होता
gurudeenverma198
*कभी  प्यार में  कोई तिजारत ना हो*
*कभी प्यार में कोई तिजारत ना हो*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
*आया जाने कौन-सा, लेकर नाम बुखार (कुंडलिया)*
*आया जाने कौन-सा, लेकर नाम बुखार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
*जो कहता है कहने दो*
*जो कहता है कहने दो*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
⚘*अज्ञानी की कलम*⚘
⚘*अज्ञानी की कलम*⚘
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मोहब्बत आज भी अधूरी है….!!!!
मोहब्बत आज भी अधूरी है….!!!!
Jyoti Khari
स्वास विहीन हो जाऊं
स्वास विहीन हो जाऊं
Ravi Ghayal
*मौन की चुभन*
*मौन की चुभन*
Krishna Manshi
पहला कदम
पहला कदम
प्रकाश जुयाल 'मुकेश'
ये साला टमाटर
ये साला टमाटर
*Author प्रणय प्रभात*
यूं तो मेरे जीवन में हंसी रंग बहुत हैं
यूं तो मेरे जीवन में हंसी रंग बहुत हैं
हरवंश हृदय
मुझे इस दुनिया ने सिखाया अदाबत करना।
मुझे इस दुनिया ने सिखाया अदाबत करना।
Phool gufran
जान हो तुम ...
जान हो तुम ...
SURYA PRAKASH SHARMA
नये साल में
नये साल में
Mahetaru madhukar
डर
डर
Neeraj Agarwal
क्षणिका :  ऐश ट्रे
क्षणिका : ऐश ट्रे
sushil sarna
मां इससे ज्यादा क्या चहिए
मां इससे ज्यादा क्या चहिए
विकास शुक्ल
"फ़िर से आज तुम्हारी याद आई"
Lohit Tamta
चाहो जिसे चाहो तो बेलौस होके चाहो
चाहो जिसे चाहो तो बेलौस होके चाहो
shabina. Naaz
राम है अमोघ शक्ति
राम है अमोघ शक्ति
Kaushal Kumar Pandey आस
"तू ठहरा सूरज"
Dr. Kishan tandon kranti
मिलना तो होगा नही अब ताउम्र
मिलना तो होगा नही अब ताउम्र
Dr Manju Saini
भोलेनाथ
भोलेनाथ
Adha Deshwal
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मुक्तक-
मुक्तक-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
_सुलेखा.
हम तो फ़िदा हो गए उनकी आँखे देख कर,
हम तो फ़िदा हो गए उनकी आँखे देख कर,
Vishal babu (vishu)
*** अंकुर और अंकुरित मन.....!!! ***
*** अंकुर और अंकुरित मन.....!!! ***
VEDANTA PATEL
युही बीत गया एक और साल
युही बीत गया एक और साल
पूर्वार्थ
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
Loading...