Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Dec 2022 · 2 min read

आजादी का अमृत महोत्सव

आज़ादी का अमृत महोत्सव
भारत की आज़ादी का
इतिहास लिखुंगा।।
जन गण मन गन वंदे मातरम गान लिखूंगा।।
मर्यादा का राम, कृष्णा का
गीता ज्ञान, कुरुक्षेत्र संग्राम लिखुंगा।।
अन्याय अत्याचार का काल परशुराम
लिखूंगा।।
चाणक्य चंद्र गुप्त भारत बृहद का मान
लिखूंगा।।
गद्दारी बीमारी महामारी मीर जाफर जयचंद काल का पृथ्वी राज चौहान लिखुंगा।।
राणा सांगा के अस्सी घाव मेवाड़ मुकुट प्रताप लिखूंगा।।
जय भवानी जगदम्ब शिवा मराठा
छत्रप मान लिखुंगा।।
गुरुओं की कुर्बानी पंजाब पंजावियत परम्परा सांस्कार लिखुंगा।।
आजादी की चिंगारी ज्वाला मंगल
पांडेय पुरुषार्थ लिखूंगा।।
खूब लड़ी मर्दानी झांसी की रानी
वीरांगना का युद्ध शौर्य अभिनंन्दन अरमान लिखुंगा।।
लोक मान्य का शंखनाद स्वतंत्रता
जन्म सिद्ध अधिकार लिखुंगा।।
सत्य अहिंसा का गांधी गोरों पर
शांत प्रहार लिखुंगा।।
खून और आज़ादी काआवाहन नेता
सुभाष लिखुंगा।।
खुदीराम, लाला लाजपत ,राय, भगत
असफाक ,विस्मिल ,रोशन ,लाड़िली
राजेन्द्र ,चंद्रशेखर ,आजाद लिखुंगा।।
आजादी के त्याग बलिदानों की
काकोरी,चौरी चौरा,डायर की बर्बरता
का जालियांवाला बाग लिखुंगा।।
खंड खंड में बंटे रियासत एकात्म
भारत शिल्पी बल्लभ सरदार लिखुंगा।।
आसमानो के आसमान लहराता तिरंगा आजादी का मुस्कान लिखुंगा।।
आजादी का मतलब महत्व का
वर्तमान लिखूंगा।।
धर्म नाम पर जिन्ना जिद का
नापाक इरादों का पाकिस्तान
लिखुंगा।।
स्वीकार नही भारत की बैभव
शक्ति छद्म धर्म निरपेक्षता नाम
पर छुपे आस्तीन के स्वान गद्दार
लिखुंगा।।
ट्रेगन की शरारत दहसत खौफ
विस्तार का धोखे का डोकलाम
लिखुंगा।।
आज़ाद भारत के जन जन को आवाहन जीवेत जाग्रतं का शंख
नाद लिखुंगा।।
एक राष्ट्र दो विधान से मुक्त
भारत एक राष्ट्र एक विधान का
संकल्प अतीत की भूलों का
नर में नरेंद्र का उद्धार लिखुंगा।।

नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीतांम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Language: Hindi
104 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
View all
You may also like:
Jo mila  nahi  wo  bhi  theek  hai.., jo  hai  mil  gaya   w
Jo mila nahi wo bhi theek hai.., jo hai mil gaya w
Rekha Rajput
🙅दद्दू कहिन🙅
🙅दद्दू कहिन🙅
*Author प्रणय प्रभात*
करोगे रूह से जो काम दिल रुस्तम बना दोगे
करोगे रूह से जो काम दिल रुस्तम बना दोगे
आर.एस. 'प्रीतम'
💐प्रेम कौतुक-420💐
💐प्रेम कौतुक-420💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
करवाचौथ
करवाचौथ
Dr Archana Gupta
हर व्यक्ति की कोई ना कोई कमजोरी होती है। अगर उसका पता लगाया
हर व्यक्ति की कोई ना कोई कमजोरी होती है। अगर उसका पता लगाया
Radhakishan R. Mundhra
मेरे लिखने से भला क्या होगा कोई पढ़ने वाला तो चाहिए
मेरे लिखने से भला क्या होगा कोई पढ़ने वाला तो चाहिए
DrLakshman Jha Parimal
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*दादी की बहादुरी*
*दादी की बहादुरी*
Dushyant Kumar
नारी
नारी
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
मुस्कुराती आंखों ने उदासी ओढ़ ली है
मुस्कुराती आंखों ने उदासी ओढ़ ली है
Abhinay Krishna Prajapati-.-(kavyash)
हर चेहरा है खूबसूरत
हर चेहरा है खूबसूरत
Surinder blackpen
* ज़ालिम सनम *
* ज़ालिम सनम *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कविता-शिश्कियाँ बेचैनियां अब सही जाती नहीं
कविता-शिश्कियाँ बेचैनियां अब सही जाती नहीं
Shyam Pandey
दिल को एक बहाना होगा - Desert Fellow Rakesh Yadav
दिल को एक बहाना होगा - Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
जिंदगी की पहेली
जिंदगी की पहेली
RAKESH RAKESH
कल चाँद की आँखों से तन्हा अश्क़ निकल रहा था
कल चाँद की आँखों से तन्हा अश्क़ निकल रहा था
'अशांत' शेखर
झील के ठहरे पानी में,
झील के ठहरे पानी में,
Satish Srijan
हँसाती, रुलाती, आजमाती है जिन्दगी
हँसाती, रुलाती, आजमाती है जिन्दगी
Anil Mishra Prahari
हिंदी में सबसे बड़ा , बिंदी का है खेल (कुंडलिया)
हिंदी में सबसे बड़ा , बिंदी का है खेल (कुंडलिया)
Ravi Prakash
*आत्मविश्वास*
*आत्मविश्वास*
Ritu Asooja
सारा सिस्टम गलत है
सारा सिस्टम गलत है
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आह जो लब से निकलती....
आह जो लब से निकलती....
अश्क चिरैयाकोटी
उसे मलाल न हो
उसे मलाल न हो
Dr fauzia Naseem shad
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
Shekhar Chandra Mitra
ऐसे खोया हूं तेरी अंजुमन में
ऐसे खोया हूं तेरी अंजुमन में
Amit Pandey
बाकी है...!!
बाकी है...!!
Srishty Bansal
// जय श्रीराम //
// जय श्रीराम //
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
gurudeenverma198
कलियुग है
कलियुग है
Sanjay ' शून्य'
Loading...