Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jul 2023 · 1 min read

*आई बारिश घिर उठी ,नभ मे जैसे शाम* ( *कुंडलिया* )

आई बारिश घिर उठी ,नभ मे जैसे शाम ( कुंडलिया )
********************************
आई बारिश घिर उठी ,नभ मे जैसे शाम
दोपहरी में मिल गया ,सूरज को आराम
सूरज को आराम ,पड़ीं फिर बूँदें मोटी
किंकर्तव्यविमूढ़ ,ग्रीष्म की नीयत खोटी
कहते रवि कविराय ,घटा काली है छाई
मौसम देखो मस्त ,सुखद ऋतु वर्षा आई
●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●
रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

200 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
लहर लहर लहराना है
लहर लहर लहराना है
Madhuri mahakash
युवा दिवस
युवा दिवस
Tushar Jagawat
पर्यावरण प्रतिभाग
पर्यावरण प्रतिभाग
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
बस्ता
बस्ता
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
हार
हार
पूर्वार्थ
रुसवा दिल
रुसवा दिल
Akash Yadav
"सूदखोरी"
Dr. Kishan tandon kranti
‌‌‍ॠतुराज बसंत
‌‌‍ॠतुराज बसंत
Rahul Singh
पूछ रही हूं
पूछ रही हूं
Srishty Bansal
तुम्हारी आँखें...।
तुम्हारी आँखें...।
Awadhesh Kumar Singh
जिदंगी भी साथ छोड़ देती हैं,
जिदंगी भी साथ छोड़ देती हैं,
Umender kumar
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
Slok maurya "umang"
इंद्रदेव समझेंगे जन जन की लाचारी
इंद्रदेव समझेंगे जन जन की लाचारी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
राजनीतिक यात्रा फैशन में है, इमेज बिल्डिंग और फाइव स्टार सुव
राजनीतिक यात्रा फैशन में है, इमेज बिल्डिंग और फाइव स्टार सुव
Sanjay ' शून्य'
नव वर्ष आया हैं , सुख-समृद्धि लाया हैं
नव वर्ष आया हैं , सुख-समृद्धि लाया हैं
Raju Gajbhiye
गुस्सा
गुस्सा
Sûrëkhâ
सूरत यह सारी
सूरत यह सारी
Dr fauzia Naseem shad
कमरा उदास था
कमरा उदास था
Shweta Soni
■ आज का शेर...
■ आज का शेर...
*प्रणय प्रभात*
-आगे ही है बढ़ना
-आगे ही है बढ़ना
Seema gupta,Alwar
2413.पूर्णिका
2413.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
होकर उल्लू पर सवार
होकर उल्लू पर सवार
Pratibha Pandey
परछाईयों की भी कद्र करता हूँ
परछाईयों की भी कद्र करता हूँ
VINOD CHAUHAN
*यात्रा पर लंबी चले, थे सब काले बाल (कुंडलिया)*
*यात्रा पर लंबी चले, थे सब काले बाल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
देश की हिन्दी
देश की हिन्दी
surenderpal vaidya
जीवन पथ
जीवन पथ
Dr. Rajeev Jain
व्हाट्सएप युग का प्रेम
व्हाट्सएप युग का प्रेम
Shaily
बैरिस्टर ई. राघवेन्द्र राव
बैरिस्टर ई. राघवेन्द्र राव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...