Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jan 24, 2017 · 1 min read

अपने होने का अहसास

मैं ढूँढ रहा था जिसे
अंतरिक्ष के उस पार
या सांसों से भी करीब
अंतर्मन के आस पास

क्यों विचलित करती है मुझे
शांति की यूँ बढती प्यास
प्रतिबिंब सा है सच का चेहरा
लक्ष्य की झूठी सी एक आस

क्यों लुभा नहीं पाती हमें
हर घूँट की मधुर मिठास
क्यों तृप्त नहीं करती हमें
सिर्फ अपने होने का अहसास

125 Views
You may also like:
గురువు
Vijaykumar Gundal
Even If I Ever Died
Manisha Manjari
युवता
Vijaykumar Gundal
अपने दिल को।
Taj Mohammad
बुद्ध भगवान की शिक्षाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आज की पत्रकारिता
Anamika Singh
"शौर्यम..दक्षम..युध्धेय, बलिदान परम धर्मा" अर्थात- बहादुरी वह है जो आपको...
Lohit Tamta
जिस नारी ने जन्म दिया
VINOD KUMAR CHAUHAN
किताब...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
BADA LADKA
Prasanjeetsharma065
$तीन घनाक्षरी
आर.एस. 'प्रीतम'
नारियां
AMRESH KUMAR VERMA
🌺🌺प्रेम की राह पर-47🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
✍️मैं परिंदा...!✍️
"अशांत" शेखर
सच को ज़िन्दा
Dr fauzia Naseem shad
पितृ ऋण
Shyam Sundar Subramanian
✍️तलाश ज़ारी रखनी चाहिए✍️
"अशांत" शेखर
🍀🌺परमात्मा सर्वोपरि🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
रफ़्तार के लिए (ghazal by Vinit Singh Shayar)
Vinit kumar
वोट भी तो दिल है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
याद पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
मुझको रूलाया है।
Taj Mohammad
हाँ, अब मैं ऐसा ही हूँ
gurudeenverma198
तेरे दिल में कोई साजिश तो नहीं
Krishan Singh
एक नज़म [ बेकायदा ]
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आशाओं की बस्ती
सूर्यकांत द्विवेदी
मेरे पिता
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
विश्व पुस्तक दिवस
Rohit yadav
सुबह आंख लग गई
Ashwani Kumar Jaiswal
पर्यावरण
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...