Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Jan 2024 · 1 min read

अपनी मनमानियां _ कब तक करोगे ।

अपनी मनमानियां _
कब तक करोगे ।
सच्चाइयों से दोस्त _
कब तक डरोगे।।
झूठं के भरोसे जिंदगी _
चलती नही ज्यादा ।
उमरिया लम्बी हो सच्चाई_
कब तक भरोगे।।
राजेश व्यास “अनुनय “

3 Likes · 125 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ए'लान - ए - जंग
ए'लान - ए - जंग
Shyam Sundar Subramanian
!..............!
!..............!
शेखर सिंह
"बैठे हैं महफ़िल में इसी आस में वो,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
हुनर का नर गायब हो तो हुनर खाक हो जाये।
हुनर का नर गायब हो तो हुनर खाक हो जाये।
Vijay kumar Pandey
ऐ मोहब्बत तेरा कर्ज़दार हूं मैं।
ऐ मोहब्बत तेरा कर्ज़दार हूं मैं।
Phool gufran
आँखों-आँखों में हुये, सब गुनाह मंजूर।
आँखों-आँखों में हुये, सब गुनाह मंजूर।
Suryakant Dwivedi
Keep yourself secret
Keep yourself secret
Sakshi Tripathi
कहानी इश्क़ की
कहानी इश्क़ की
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
An Evening
An Evening
goutam shaw
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता हैं,
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता हैं,
Jay Dewangan
जीवन के हर युद्ध को,
जीवन के हर युद्ध को,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"आईना"
Dr. Kishan tandon kranti
संवेदना
संवेदना
Shama Parveen
महंगाई के इस दौर में भी
महंगाई के इस दौर में भी
Kailash singh
■ मनोरोग का क्या उपचार...?
■ मनोरोग का क्या उपचार...?
*Author प्रणय प्रभात*
दिन सुहाने थे बचपन के पीछे छोड़ आए
दिन सुहाने थे बचपन के पीछे छोड़ आए
Er. Sanjay Shrivastava
2452.पूर्णिका
2452.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
* खुशियां मनाएं *
* खुशियां मनाएं *
surenderpal vaidya
शांति से खाओ और खिलाओ
शांति से खाओ और खिलाओ
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सच्ची सहेली - कहानी
सच्ची सहेली - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मन्नत के धागे
मन्नत के धागे
Dr. Mulla Adam Ali
कुछ लोग प्रेम देते हैं..
कुछ लोग प्रेम देते हैं..
पूर्वार्थ
मित्र बनाने से पहले आप भली भाँति जाँच और परख लें ! आपके विचा
मित्र बनाने से पहले आप भली भाँति जाँच और परख लें ! आपके विचा
DrLakshman Jha Parimal
मतदान
मतदान
Sanjay ' शून्य'
मॉर्निंग वॉक
मॉर्निंग वॉक
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
ये सुबह खुशियों की पलक झपकते खो जाती हैं,
ये सुबह खुशियों की पलक झपकते खो जाती हैं,
Manisha Manjari
नव प्रबुद्ध भारती
नव प्रबुद्ध भारती
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कवि मोशाय।
कवि मोशाय।
Neelam Sharma
देश के वीरों की जब बात चली..
देश के वीरों की जब बात चली..
Harminder Kaur
मन से चाहे बिना मनचाहा नहीं पा सकते।
मन से चाहे बिना मनचाहा नहीं पा सकते।
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...