Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Aug 2023 · 1 min read

अनुराग

*जहां जहां प्रेम है वहीं तो प्रकाश है।
ख्वाबों के पंख हैं पूरा आकाश है।।
ब्रह्मचर्य योग से कृष्ण प्रेमावतार हैं।
राधा-योगप्रेम भी जानता संसार है।।
योग है अनुराग है तो प्रेम भी होगा।
गोपी,राधा या मीरा,अनुराग ही भोगा।
उद्धव था बड़ा ज्ञानी, प्रेम नही जाना।
गोपियों से मिलकर, अनुराग प्रेम माना।*

Language: Hindi
1 Like · 133 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*साठ बरस के हो गए, हुए सीनियर आज (हास्य कुंडलिया)*
*साठ बरस के हो गए, हुए सीनियर आज (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
*छंद--भुजंग प्रयात
*छंद--भुजंग प्रयात
Poonam gupta
चिट्ठी   तेरे   नाम   की, पढ़ लेना सरकार।
चिट्ठी तेरे नाम की, पढ़ लेना सरकार।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
गौण हुईं अनुभूतियाँ,
गौण हुईं अनुभूतियाँ,
sushil sarna
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
Satish Srijan
इंतजार करते रहे हम उनके  एक दीदार के लिए ।
इंतजार करते रहे हम उनके एक दीदार के लिए ।
Yogendra Chaturwedi
कैसा क़हर है क़ुदरत
कैसा क़हर है क़ुदरत
Atul "Krishn"
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
यह कलयुग है
यह कलयुग है
gurudeenverma198
वो ख्वाब
वो ख्वाब
Mahender Singh
प्यारा सुंदर वह जमाना
प्यारा सुंदर वह जमाना
Vishnu Prasad 'panchotiya'
*जुदाई न मिले किसी को*
*जुदाई न मिले किसी को*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
उलझन से जुझनें की शक्ति रखें
उलझन से जुझनें की शक्ति रखें
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बाक़ी है..!
बाक़ी है..!
Srishty Bansal
This generation was full of gorgeous smiles and sorrowful ey
This generation was full of gorgeous smiles and sorrowful ey
पूर्वार्थ
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
Sahil Ahmad
थोड़ा दिन और रुका जाता.......
थोड़ा दिन और रुका जाता.......
Keshav kishor Kumar
बाट तुम्हारी जोहती, कबसे मैं बेचैन।
बाट तुम्हारी जोहती, कबसे मैं बेचैन।
डॉ.सीमा अग्रवाल
विवाह मुस्लिम व्यक्ति से, कर बैठी नादान
विवाह मुस्लिम व्यक्ति से, कर बैठी नादान
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता
युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता
Dr. Narendra Valmiki
"गुलामगिरी"
Dr. Kishan tandon kranti
दिल का सौदा
दिल का सौदा
सरिता सिंह
ना जमीं रखता हूॅ॑ ना आसमान रखता हूॅ॑
ना जमीं रखता हूॅ॑ ना आसमान रखता हूॅ॑
VINOD CHAUHAN
पिता दिवस
पिता दिवस
Neeraj Agarwal
#वंदन_अभिनंदन
#वंदन_अभिनंदन
*प्रणय प्रभात*
जिन्दगी का मामला।
जिन्दगी का मामला।
Taj Mohammad
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
आर.एस. 'प्रीतम'
झरोखों से झांकती ज़िंदगी
झरोखों से झांकती ज़िंदगी
Rachana
"मैं" के रंगों में रंगे होते हैं, आत्मा के ये परिधान।
Manisha Manjari
Loading...