Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Jan 2023 · 1 min read

अद्भुत नाम

अद्भुत नाम है राम का,
सकल परम् सुख धाम।
पहले अब, या भविष्य में,
जो जपे बने सब काम।

एक बार गर ‘राम’ कहो तो,
बने किसी का नाम।
‘राम राम’ दो बार कहो तो,
बन जाये प्रनाम।

तीन बार राम नाम कहो तो,
करुणा का सम्बोधन।
कई बार राम राम कहो तो,
हो जप का अनुमोदन।

राम राम बस जपते जाओ,
पाओ सिद्धि समाधी।
आवागमन मिटे और छूटे,
जमन मरण की व्याधी।

तुलसी,लखन,कपीश व शबरी,
केवट गिद्ध ने गाया।
राम नाम है अद्भुत भाई,
अपनाया सो पाया।

नानक नामदेव रैदासा,
राम कवीरा गाएं।
राम नाम की अकथ कथा है,
जप सब राम समाएं।

सतीश सृजन, लखनऊ.

Language: Hindi
214 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
सफलता मिलना कब पक्का हो जाता है।
सफलता मिलना कब पक्का हो जाता है।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस
Rajni kapoor
दिन ढले तो ढले
दिन ढले तो ढले
Dr.Pratibha Prakash
*आया भैया दूज का, पावन यह त्यौहार (कुंडलिया)*
*आया भैया दूज का, पावन यह त्यौहार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कहीं ना कहीं कुछ टूटा है
कहीं ना कहीं कुछ टूटा है
goutam shaw
बेवजह कदमों को चलाए है।
बेवजह कदमों को चलाए है।
Taj Mohammad
2977.*पूर्णिका*
2977.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सब पर सब भारी ✍️
सब पर सब भारी ✍️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मैं नहीं तो, मेरा अंश ,काम मेरा यह करेगा
मैं नहीं तो, मेरा अंश ,काम मेरा यह करेगा
gurudeenverma198
तुमने मुझे दिमाग़ से समझने की कोशिश की
तुमने मुझे दिमाग़ से समझने की कोशिश की
Rashmi Ranjan
आज़ादी की क़ीमत
आज़ादी की क़ीमत
Shekhar Chandra Mitra
आदिपुरुष आ बिरोध
आदिपुरुष आ बिरोध
Acharya Rama Nand Mandal
#पंचैती
#पंचैती
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
चढ़ा हूँ मैं गुमनाम, उन सीढ़ियों तक
चढ़ा हूँ मैं गुमनाम, उन सीढ़ियों तक
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
फिलिस्तीन इजराइल युद्ध
फिलिस्तीन इजराइल युद्ध
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
💐प्रेम कौतुक-523💐
💐प्रेम कौतुक-523💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।
आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।
surenderpal vaidya
गौरवपूर्ण पापबोध
गौरवपूर्ण पापबोध
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
हे!शक्ति की देवी दुर्गे माँ,
हे!शक्ति की देवी दुर्गे माँ,
Satish Srijan
मूँछ पर दोहे (मूँछ-मुच्छड़ पुराण दोहावली )
मूँछ पर दोहे (मूँछ-मुच्छड़ पुराण दोहावली )
Subhash Singhai
नवरात्र के सातवें दिन माँ कालरात्रि,
नवरात्र के सातवें दिन माँ कालरात्रि,
Harminder Kaur
एक समझदार व्यक्ति द्वारा रिश्तों के निर्वहन में अचानक शिथिल
एक समझदार व्यक्ति द्वारा रिश्तों के निर्वहन में अचानक शिथिल
Paras Nath Jha
प्रेम
प्रेम
Shyam Sundar Subramanian
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
आर.एस. 'प्रीतम'
मातर मड़ई भाई दूज
मातर मड़ई भाई दूज
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet kumar Shukla
एक एहसास
एक एहसास
Dr fauzia Naseem shad
वीर तुम बढ़े चलो!
वीर तुम बढ़े चलो!
Divya Mishra
*चैतन्य एक आंतरिक ऊर्जा*
*चैतन्य एक आंतरिक ऊर्जा*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
छतें बुढापा, बचपन आँगन
छतें बुढापा, बचपन आँगन
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...