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14 Feb 2024 · 1 min read

अति मंद मंद , शीतल बयार।

अति मंद मंद ,
शीतल बयार।
चलती मन को ,
पुलकित करती।

हर्षित करती,
कुछ गढ़ने को।
कुछ लिखने को,
प्रेरित करती।

अपने भीनी,
भीनी सुगंध से।
अंतर्मन को,
संचित करती।

अपने दिव्य,
अनुभवों से।
प्रकाशित ,
‘दीप’ को करती।

-जारी
-©कुल’दीप’ मिश्रा

Language: Hindi
1 Like · 82 Views
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