Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Feb 2017 · 1 min read

अच्छे से का बोली तुम नखरे दिखात हो

एक बार का मानी रोजई तुम खात हो
अच्छे से का वोली नखरे दिखात हो

तन्नक ही बात मे भेजा खो खात हो
साडी मगाऊ तो मुह लटकात हो

सोतन खो रोजीना पिक्चर बतात हो
डंग का बोली तुम नागई नचात हो

जई कारण रोजीना सज सज के जात हो
मे खाऊ रोटी तुम रसगुल्ला खा त हो

मोसे से काय केत तुम भुनकभुनक जात हो
रोजीना काय अपनी ठटरी कसात हो

Language: Hindi
6 Likes · 689 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
क्यूं हँसते है लोग दूसरे को असफल देखकर
क्यूं हँसते है लोग दूसरे को असफल देखकर
Praveen Sain
*अलविदा तेईस*
*अलविदा तेईस*
Shashi kala vyas
रात भी तन्हाई भरी काटना ऐ मेरे दोस्त,
रात भी तन्हाई भरी काटना ऐ मेरे दोस्त,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
वो परिंदा, है कर रहा देखो
वो परिंदा, है कर रहा देखो
Shweta Soni
#शेर
#शेर
*प्रणय प्रभात*
छद्म शत्रु
छद्म शत्रु
Arti Bhadauria
* मन कही *
* मन कही *
surenderpal vaidya
वो रास्ता तलाश रहा हूं
वो रास्ता तलाश रहा हूं
Vikram soni
मेरी कविताएं पढ़ लेना
मेरी कविताएं पढ़ लेना
Satish Srijan
लाईक और कॉमेंट्स
लाईक और कॉमेंट्स
Dr. Pradeep Kumar Sharma
ज़िंदगी की ज़रूरत के
ज़िंदगी की ज़रूरत के
Dr fauzia Naseem shad
भव- बन्धन
भव- बन्धन
Dr. Upasana Pandey
रास्ते और राह ही तो होते है
रास्ते और राह ही तो होते है
Neeraj Agarwal
संग सबा के
संग सबा के
sushil sarna
कभी तो तुम्हे मेरी याद आयेगी
कभी तो तुम्हे मेरी याद आयेगी
Ram Krishan Rastogi
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet kumar Shukla
जो मेरे लफ्ज़ न समझ पाए,
जो मेरे लफ्ज़ न समझ पाए,
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
दूसरों को देते हैं ज्ञान
दूसरों को देते हैं ज्ञान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
*हे शारदे मां*
*हे शारदे मां*
Dr. Priya Gupta
2838.*पूर्णिका*
2838.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
वसुत्व की असली परीक्षा सुरेखत्व है, विश्वास और प्रेम का आदर
वसुत्व की असली परीक्षा सुरेखत्व है, विश्वास और प्रेम का आदर
प्रेमदास वसु सुरेखा
*इस कदर छाये जहन मे नींद आती ही नहीं*
*इस कदर छाये जहन मे नींद आती ही नहीं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
मन की आंखें
मन की आंखें
Mahender Singh
ज़रा सी  बात में रिश्तों की डोरी  टूट कर बिखरी,
ज़रा सी बात में रिश्तों की डोरी टूट कर बिखरी,
Neelofar Khan
मातृशक्ति को नमन
मातृशक्ति को नमन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कुछ ख्वाब
कुछ ख्वाब
Rashmi Ratn
*मकान (बाल कविता)*
*मकान (बाल कविता)*
Ravi Prakash
बेटी उड़ान पर बाप ढलान पर👸👰🙋
बेटी उड़ान पर बाप ढलान पर👸👰🙋
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Feeling of a Female
Feeling of a Female
Rachana
"असफलता"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...