Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Feb 2017 · 1 min read

~~अंदर के रावण को जलाओ ~~

जलाओ उस पुतले को,
पर समझाओ अन्तेर्मन को
न करे बुरे काम
रखे सब का ध्यान
तभी बनेगा देश महान
नहीं जो बनता रहेगा ..शमशान

उस की चिता को जलाकर
अपने अहंकार को जला दो
आने वाले नव वर्ष में
खुद अपने को और समझा लो
देश में खुशहाली रहे
ऐसा देश को चमन बन दो
बुरी पर जीत होती है
ऐसा घर घर में जाकर बतला दो
मनाओ धूम धाम से त्यौहार
किसी घर में रहे कोई बीमार
अँधेरे में जाकर खुद तुम दिए जला दो
इक नई सुबह को फिर से ट्रूम बुला लो
नारी शक्ति का अब सम्मान करो
नारी पर हर कोई विश्वाश करो
नई दिशा वो देगी सब को
उस के सम्मान में यारो चिराग जला दो
यह विजय दशमी का त्यौहार
दिल से मिला कर दिल तुम मन लो
जिन्दा रहे न अहंकार का रावण दिल में किसी के भी
उस को अपने हाथो से खुद ही जला दो !!

जय श्री राम, बोलो सिया बल रामचंद्र भगवान् की जय

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
332 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
पागल बना दिया
पागल बना दिया
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
अष्टम् तिथि को प्रगटे, अष्टम् हरि अवतार।
अष्टम् तिथि को प्रगटे, अष्टम् हरि अवतार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
दिये को रोशननाने में रात लग गई
दिये को रोशननाने में रात लग गई
कवि दीपक बवेजा
** अब मिटाओ दूरियां **
** अब मिटाओ दूरियां **
surenderpal vaidya
The enchanting whistle of the train.
The enchanting whistle of the train.
Manisha Manjari
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दस्तरखान बिछा दो यादों का जानां
दस्तरखान बिछा दो यादों का जानां
Shweta Soni
*ट्रस्टीशिप विचार: 1982 में प्रकाशित मेरी पुस्तक*
*ट्रस्टीशिप विचार: 1982 में प्रकाशित मेरी पुस्तक*
Ravi Prakash
*** आकांक्षा : एक पल्लवित मन...! ***
*** आकांक्षा : एक पल्लवित मन...! ***
VEDANTA PATEL
रुलाई
रुलाई
Bodhisatva kastooriya
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
Dr.Rashmi Mishra
💐प्रेम कौतुक-253💐
💐प्रेम कौतुक-253💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
"कैफियत"
Dr. Kishan tandon kranti
इन रास्तों को मंजूर था ये सफर मेरा
इन रास्तों को मंजूर था ये सफर मेरा
'अशांत' शेखर
खुली आंखें जब भी,
खुली आंखें जब भी,
Lokesh Singh
बदलते चेहरे हैं
बदलते चेहरे हैं
Dr fauzia Naseem shad
दुनिया सारी मेरी माँ है
दुनिया सारी मेरी माँ है
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
यूं साया बनके चलते दिनों रात कृष्ण है
यूं साया बनके चलते दिनों रात कृष्ण है
Ajad Mandori
अब गूंजेगे मोहब्बत के तराने
अब गूंजेगे मोहब्बत के तराने
Surinder blackpen
"कलम की अभिलाषा"
Yogendra Chaturwedi
शिव विनाशक,
शिव विनाशक,
shambhavi Mishra
सृजन
सृजन
Rekha Drolia
फूल कुदरत का उपहार
फूल कुदरत का उपहार
Harish Chandra Pande
बचपन
बचपन
Shyam Sundar Subramanian
3126.*पूर्णिका*
3126.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मैदान-ए-जंग में तेज तलवार है मुसलमान,
मैदान-ए-जंग में तेज तलवार है मुसलमान,
Sahil Ahmad
■ मुफ़्तखोरों और जुमलेबाज़ों का मुल्क़।
■ मुफ़्तखोरों और जुमलेबाज़ों का मुल्क़।
*Author प्रणय प्रभात*
होली के हुड़दंग में ,
होली के हुड़दंग में ,
sushil sarna
*मुक्तक*
*मुक्तक*
LOVE KUMAR 'PRANAY'
"शाम की प्रतीक्षा में"
Ekta chitrangini
Loading...