Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 May 2020 · 1 min read

अंतर्व्यथा

बैठा हूं शांत, सामने मेरे समंदर है
उमड़ता है घुमड़ता है
या शायद
उन्मादों के दरिया में उठता शोर अंदर है
कह नहीं पाता कभी क्यूं
जज्बात ऊंचे या समंदर की लहरें
भावों में अभावों की अधिकता है
जो
कभी बैठूं तो सोचूं मैं दो पहरों तक,
सार्थकता में उम्मीदें पड़ी हैं निरर्थक
इक शोर अंदर है जो बाहर से न दिखता है
घुटन होती है दिल में टीस बनकर
या शायद सीने में अभावों का समंदर है
शून्यता है बस रही हर ओर जीवन में
इक छोर ढूंढू पर
समंदर ही समंदर शेष अंदर है
उम्मीदों के गौरव की इक लौ भयंकर है
पर न जाने क्यूं इक आह अंदर है
इक आह अंदर है!
8-May-2020, 6:59pm

Language: Hindi
17 Likes · 32 Comments · 1406 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
योग की महिमा
योग की महिमा
Dr. Upasana Pandey
सुस्त हवाओं की उदासी, दिल को भारी कर जाती है।
सुस्त हवाओं की उदासी, दिल को भारी कर जाती है।
Manisha Manjari
भूख-प्यास कहती मुझे,
भूख-प्यास कहती मुझे,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जल जंगल जमीन जानवर खा गया
जल जंगल जमीन जानवर खा गया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दुल्हन एक रात की
दुल्हन एक रात की
Neeraj Agarwal
जब इंस्पेक्टर ने प्रेमचंद से कहा- तुम बड़े मग़रूर हो..
जब इंस्पेक्टर ने प्रेमचंद से कहा- तुम बड़े मग़रूर हो..
Shubham Pandey (S P)
नई उम्मीद
नई उम्मीद
Pratibha Pandey
पुजारी शांति के हम, जंग को भी हमने जाना है।
पुजारी शांति के हम, जंग को भी हमने जाना है।
सत्य कुमार प्रेमी
झुक कर दोगे मान तो,
झुक कर दोगे मान तो,
sushil sarna
समय आया है पितृपक्ष का, पुण्य स्मरण कर लें।
समय आया है पितृपक्ष का, पुण्य स्मरण कर लें।
surenderpal vaidya
राम सीता
राम सीता
Shashi Mahajan
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वृक्षारोपण का अर्थ केवल पौधे को रोपित करना ही नहीं बल्कि उसक
वृक्षारोपण का अर्थ केवल पौधे को रोपित करना ही नहीं बल्कि उसक
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
भाग्य और पुरुषार्थ
भाग्य और पुरुषार्थ
Dr. Kishan tandon kranti
लेंस प्रत्योपण भी सिर्फ़
लेंस प्रत्योपण भी सिर्फ़
*प्रणय प्रभात*
!! चहक़ सको तो !!
!! चहक़ सको तो !!
Chunnu Lal Gupta
करनी होगी जंग
करनी होगी जंग
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
ऐ!दर्द
ऐ!दर्द
Satish Srijan
सावन भादों
सावन भादों
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
शेखर सिंह
दिल का हर रोम रोम धड़कता है,
दिल का हर रोम रोम धड़कता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तुमसे मैं एक बात कहूँ
तुमसे मैं एक बात कहूँ
gurudeenverma198
2627.पूर्णिका
2627.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
ये दुनिया है कि इससे, सत्य सुना जाता नहीं है
ये दुनिया है कि इससे, सत्य सुना जाता नहीं है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कविता
कविता
Rambali Mishra
हे गर्भवती !
हे गर्भवती !
Akash Yadav
*आओ मिलकर नया साल मनाएं*
*आओ मिलकर नया साल मनाएं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
संसार में कोई किसी का नही, सब अपने ही स्वार्थ के अंधे हैं ।
संसार में कोई किसी का नही, सब अपने ही स्वार्थ के अंधे हैं ।
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गौतम बुद्ध के विचार --
गौतम बुद्ध के विचार --
Seema Garg
दर्पण
दर्पण
Kanchan verma
Loading...