Posts Tag: त्रिविध ताप 1 post Sort by: Latest Likes Views List Grid मनोज कर्ण 17 Jan 2025 · 1 min read त्रिविध ताप त्रिविध ताप देखि,मनु मगु हारे मिलत मधुबन नहिं,मन कारे कारे.. माया मोहित मन,संतप्त क्यों, उबरे हैं जब सबहिं राम से, आजा तू भी राम दुआरे... त्रयताप कृत, तप्तजीवन मन हारे... Hindi · Hindi Poem ( हिन्दी कविता ) · कविता · काव्य · त्रिविध ताप 4 156 Share