Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Mar 2023 · 1 min read

Sishe ke makan ko , ghar banane ham chale ,

Sishe ke makan ko , ghar banane ham chale ,
Tut kar chakana chur ho gya , jab gale galane ham chale .
Hame laga wo sharma rhe hai , hmse khuch chhipa rhe hai ,
Jb dil ki dhadkan sunai na di unki to samjh aya ki kaha pathar se dil lagane ham chale.😍
By sakshi

48 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सुबह की चाय है इश्क,
सुबह की चाय है इश्क,
Aniruddh Pandey
कल देखते ही फेरकर नजरें निकल गए।
कल देखते ही फेरकर नजरें निकल गए।
Prabhu Nath Chaturvedi
बुझी राख
बुझी राख
Vindhya Prakash Mishra
"ज़िंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दादिल क्या खाक़ जीया करते है
Mukul Koushik
महाशिव रात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ
महाशिव रात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
एक लोग पूछ रहे थे दो हज़ार के अलावा पाँच सौ पर तो कुछ नहीं न
एक लोग पूछ रहे थे दो हज़ार के अलावा पाँच सौ पर तो कुछ नहीं न
Anand Kumar
गुंडागर्दी
गुंडागर्दी
Shekhar Chandra Mitra
एक खूबसूरत पिंजरे जैसा था ,
एक खूबसूरत पिंजरे जैसा था ,
लक्ष्मी सिंह
*सुख-दुख में जीवन-भर साथी, कहलाते पति-पत्नी हैं【हिंदी गजल/गी
*सुख-दुख में जीवन-भर साथी, कहलाते पति-पत्नी हैं【हिंदी गजल/गी
Ravi Prakash
नव उल्लास होरी में.....!
नव उल्लास होरी में.....!
Awadhesh Kumar Singh
ग़ज़ल कहूँ तो मैं ‘असद’, मुझमे बसते ‘मीर’
ग़ज़ल कहूँ तो मैं ‘असद’, मुझमे बसते ‘मीर’
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
अस्तित्व है उसका
अस्तित्व है उसका
Dr fauzia Naseem shad
यूं जो उसको तकते हो।
यूं जो उसको तकते हो।
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
दूजी खातून का
दूजी खातून का
Satish Srijan
दोहे- माँ है सकल जहान
दोहे- माँ है सकल जहान
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
फूल रहा जमकर फागुन,झूम उठा मन का आंगन
फूल रहा जमकर फागुन,झूम उठा मन का आंगन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
#यादों_का_झरोखा
#यादों_का_झरोखा
*Author प्रणय प्रभात*
कौन कितने पानी में
कौन कितने पानी में
Mukesh Jeevanand
भारत
भारत
नन्दलाल सुथार "राही"
फूल,पत्ते, तृण, ताल, सबकुछ निखरा है
फूल,पत्ते, तृण, ताल, सबकुछ निखरा है
Anil Mishra Prahari
अभी तो साथ चलना है
अभी तो साथ चलना है
Vishal babu (vishu)
ग़ज़ल
ग़ज़ल
प्रीतम श्रावस्तवी
अपने
अपने
Shyam Sundar Subramanian
अहसास
अहसास
Dr Praveen Thakur
भारत भूमि में पग पग घूमे ।
भारत भूमि में पग पग घूमे ।
Buddha Prakash
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
सुरसरि-सा निर्मल बहे, कर ले मन में गेह।
सुरसरि-सा निर्मल बहे, कर ले मन में गेह।
डॉ.सीमा अग्रवाल
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
विमला महरिया मौज
फागुन का महीना आया
फागुन का महीना आया
Dr Manju Saini
Loading...