indu parashar Tag: नारी 15 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid indu parashar 30 May 2024 · 1 min read हाड़ी रानी हाड़ी रानी रूप सुंदरी हाड़ी ने पति मोह पाश को मेट दिया। राष्ट्र प्रेम हित उसने अपना शीश पुष्प सा भेंट किया। रूप सुंदरी हाड़ी ने पति मोह पाश को... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 424 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read स्वयं मार्ग अपना चुनें स्वयं मार्ग अपना चुनें नदिया हो या नारि हमेशा, दोनों है गतिमान। रहें निरंतर दोनों बहती, दोनों एक समान। दोनों ही हैं जन्म दायिनी, दोनों जीवन दात्री। दोनों जीवन सिंचित... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 213 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read सब मुझे मिल गया *सब मुझे मिल गया* रूप की मोहनी,प्रीत की चाहना, मीन सी है विकल, तुम विकलता हरो। प्रेम के पाश में, बांँध लो तुम मुझे, तीर विरहा चला, अब न घायल... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 199 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आइए मेरे हृदय में आइए मेरे हृदय में आइए मेरे हृदय में श्याम तुम आ जाइए। प्रेम का विरवा लगाकर फिर कहीं मत जाइए। मैं न, मीरा राजरानी जप सकूं दिन रात मैं, मैं... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 186 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read गीत (विदाई के समय बेटी की मन: स्थिति) गीत (विदाई के समय बेटी की मन: स्थिति) हृदय चीरती है व्यथा, बहता नयनों नीर। बाबुल तेरी लाड़ली, कैसे बाँधू धीर। पाया लाड़ दुलार है,पाई निर्मल प्रीत। बाहों का झूला... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 230 Share indu parashar 30 May 2024 · 2 min read बहुरंगी नारियाँ 🌹बहुरंगी नारियाँ 🌹 जिंदगी की जिंदगी हैं नारियांँ। जिंदगी में रंग भरतीं नारियांँ । नारियांँ ही शक्ति की प्रतिरूप है। नारियांँ हैं पुष्प सुरभित क्यारियांँ। *श्रृंगार रस* (संयोग श्रृंगार) महावर... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 166 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बहन आती सदा रहना बहन आती सदा रहना ये साझा दुख हमारा है, हमारी मांँ का यों जाना। अकेला छोड़कर मुझको, न मन से दूर तू जाना। बहन हर तीज पर आना, बहन त्योहार... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 142 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read विवाहित बेटी की उलझन विवाहित बेटी की उलझन खुद को हारा सोचती, पाती हूँ लाचार । उठा न पाऊँ फोन मैं, हों पापा बीमार।। बहन , बहू , पत्नी बनी, माँ बन सींचा प्यार।... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 162 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बिटिया (प्रेम की प्रतिमा) बिटिया (प्रेम की प्रतिमा) तुम हमारे प्रेम की, साकार प्रतिमा, कल्पनाओं की मधुर, स्मृति तुम्ही हो। तुम हमारी रुचिर प्यारी, अल्पना हो, औ विधाता की अनूठी, कृति तुम्ही हो। सृष्टि... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 206 Share indu parashar 30 May 2024 · 2 min read बेटी-नामा बेटी-नामा आई जबसे गर्भ में, करवाती अहसास। माँ मैं तेरी लाड़ली, रहूँ हृदय के पास। माँ की धड़कन से जुड़े, उस धड़कन के तार। करे मूक संवाद वह, नहीं प्यार... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 129 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आगमन वसंत का आगमन वसंत का आया नहीं वसंत द्वार पर, कभी लगाने फेरे । बिन वसंत ही इस जीवन को, रही उदासी घेरे। मैं वसंत से किए शिकायत, नहीं जान पाई थी।... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 139 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read इक छाया सी इक छाया सी आशीषें बरसाईं मुझ पर, सदा प्यार वर्षाया । मुझ नादान, नवेली को, जिनने अनुभवी बनाया। समझ न पाई कभी प्रेम की, लहरें जो मन में थीं। दे... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 169 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बेटियां बेटियां गोदी में छुप मुस्काती हैं, प्यारी-प्यारी बेटियां। नन्हे हाथों से दुलराती, प्रेम लुटाती बेटियां। अंधियारे में उजला दीपक, सदा जलाती बेटियां। सूने घर में खुशियां भर कर, स्वर्ग बनाती... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 140 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आनंद बरसे सर्वदा आनंद बरसे सर्वदा बेटी चली पी की गली, सौभाग्य की बेला खिली। आओ अशीषें प्यार से, कर दें विदा सत्कार से। बेटी तुम्हीं सौभाग्य हो, दैदीप्य, तेरा भाग्य हो। यह... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 106 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read माँ नहीं है देह नश्वर मांँ नहीं है देह नश्वर शीत ऋतु की उस ठिठुरती रात में, संदेश आया। जा मिली है पंच तत्वों में , सुगढ़ वह क्षीण काया। किंतु मेरा मन ,कभी, इस... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 241 Share