Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" Language: Hindi 100 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 11 Mar 2025 · 1 min read शराफत शराफत के चोले में भी, हम बदनाम हो गये । गर शरीफ न होते, फिर क्या गजब ढाते ।। Hindi · शेर 33 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 21 Feb 2025 · 1 min read महाकुंभ महाकुंभ है अमृत उत्सव, संगम में डुबकी लगाओ । धोकर तन के मैल को, तनिक अपना मन भी उजियाओ । महापर्व की गरिमा गाओ , भक्ति भावना से सब आओ... Hindi 30 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 9 Jan 2025 · 1 min read रिश्वत का खेल रिश्वत के केस में, रिश्वत देकर छूट जाते हैं । रिश्वत लेना अन्याय है, कुछ लोगों के लिए रिश्वत एक अन्य आय है । हर जगह इसका खेल है, वैसे... Hindi · कविता · कहानी 1 809 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 6 Jan 2025 · 1 min read मजा जिंदगी का 🤓🤓 गर मुश्किलें न हो जिंदगी में, तो मजा ही क्या ? वरना लोग यूं ही पहाडो़ं पे चढा़ नहीं करते ।। Hindi · कोटेशन 103 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 21 May 2024 · 1 min read शक यारो हमें तो, शक पर ही शक हो गया । हकीकत की तहकीकात पर, शक हो गया । करते थे जिससे शिकायत, शक का वही आधार हो गया । करते... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 1 168 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 24 Apr 2024 · 1 min read दगा और बफा़ उनकी फितरत थी, अपनों को दगा देना । हम उनकी मुस्कुराहट को, बफा समझ बैंठे ।। Hindi · शेर 337 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 31 Mar 2024 · 1 min read फितरत फितरत कुछ जुदा हो गयी, पहले से गम़जदा हो गयी । कुछ नज़रों से, कुछ नजरियों से ।। Hindi · शेर 1 192 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 27 Mar 2024 · 1 min read जमाना खराब हैं.... यूं न मुस्कुराया करो, जमाना बडा़ खराब है । लवों की हसी को, इकरार समझ लेते है ।। Hindi · शेर 1k Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 27 Mar 2024 · 1 min read बदलते दौर में...... वो दौर और था, अब जमाना बदल गया । इश़्क के चैप्टर में , धोखा शामिल हो गया ।। Hindi · शेर 1 209 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 17 Mar 2024 · 1 min read नज़र बैठे थे हम जिनकी राह में, पलकें बिछाऐ ।। वो बगल से गुजर गये, नज़रें चुराऐ ।। Hindi · शेर 1 177 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 26 Feb 2024 · 1 min read मैं हूं न ....@ छोड़ दो उनको, जिसके पीछे तुम पडे़ हो जरा मुड़कर भी देखो, हम भी खडे़ हैं ।। Hindi · शेर 1 210 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 14 Dec 2023 · 1 min read क्या पता.... ? क्या पता कौन सी मुलाकात आखिरी हो, कौन सी बात आखिरी हो । कोई नेक काम कर ले बंदे, क्या पता कौन सी सांस आखिरी हो ।। Hindi · कोटेशन 1 789 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 24 Nov 2023 · 1 min read मंजिल-ए-मोहब्बत मंजिल वो नहीं जहां प्यार को पाना हो, मंजिल वो भी है जहां प्यार नजरों से जुदा न हो ।। संग रहें न रहें जिंदगी में पर गम न हो,... Hindi · शेर 1 311 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 24 Nov 2023 · 1 min read रिश्ते प्यार के तुझे खोने के डर से इज़हार न कर पाया । तड़पते रहे जिंदगी भर, पर जता न पाया ।। महबूब के अलाबा और भी रिश्ते है जिंदगी में, जिनके सहारे... Hindi · शेर 3 2 853 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 18 Nov 2023 · 1 min read नशा नाश की गैल हैं ।। वो खांस रहे है, खांस रहे हैं । बीडी़ पीकर हांफ रहे हैं ।। उनसा नही कोई दमदार । गले लगावे मौत का हार ।। बीडी़, सिगरेट, चिलम, तम्बाकू ।... Hindi · हास्य-व्यंग्य 3 2 1k Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 31 Oct 2023 · 1 min read दरिया तेरे अश्कों के दरिया में कुछ इस कदर बह गया । न अपनों को पहचान सका, न ही तेरी बेबफाई ।। Hindi · शेर 3 673 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 31 Oct 2023 · 1 min read नशा गालिब़ महफिलें गलीचे पे होती तो, मयखाने यूं ही बदनाम न होते। ग़र नशा शराब में होता तो, शबाब ए रुख्सार नशीले न होते । Hindi · शेर 304 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 31 Oct 2023 · 1 min read बदनाम बडी़ जालिम है ये दुनिया, हम तो यूं ही बदनाम हो गये, न रखा कदम उनकी गलियों में कभी । हम तो आंखों की शराफत से बदनाम हो गये Hindi · शेर 1 247 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 9 Aug 2023 · 1 min read भ्रष्टाचार और सरकार भ्रष्टाचारी सड़कों पर कमीशन के गड्डे हैं । लीक होती सीवर लाइन सबूत और भी पुख्ते हैं । गली गली खुदी पडी़ है नल जल के नाम पर । ठेके... Hindi 1 389 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 14 Jun 2023 · 1 min read करो खुद पर यकीं तकदीर पे भरोसा न करो, कोई तदबीर निकालो । छू लोगो आसमां तुम भी, कभी खुद पे भी भरोसा कर लो ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi 2 245 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 15 Mar 2023 · 1 min read रिश्ते... रिश्ते वही मजबूत रहते हैं, जिसमें.. प्रेम के अतिरिक्त, अन्य किसी चीज का, आदान-प्रदान न हो ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 246 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 12 Mar 2023 · 1 min read आंखें तेरी आंखों में कोई प्यास नज़र आती है, मिल जाए कोई अपना ये आस नज़र आती है । कर सकूं यकीं मैं जिस पर, भरोसा ढूंढती आंखें नज़र आती हैं... Hindi · शेर 385 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 12 Jan 2023 · 1 min read नज़र नज़र न लगे तेरी नज़र को, नज़र जो मिली मेरी नज़र से। नज़र का नज़र से इशारा हो गया। ये दिल तभी से पराया हो गया । जरा भी ओझल... Hindi · Daily Writing Challenge 1 2 262 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 3 Dec 2022 · 1 min read वक्त वक्त हर वक्त को बदल देता है, बस वक्त को, थोडा़ वक्त चाहिए ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 2 4 336 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 2 Dec 2022 · 1 min read मृत्यु... (एक अटल सत्य ) मौत की आहट न सुनी होगी कभी, क्योंकि दबे पांव वो आती है । चाहे छिप जाओ कोने में कहीं, ढूंढकर संग वो ले जाती है ।। गर न आये... Hindi · कविता 3 705 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 2 Dec 2022 · 1 min read सुखद... तनाव युक्त अमीरी से, कहीं ज्यादा सुखद... तनाव मुक्त गरीबी है ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 1 2 249 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 30 Nov 2022 · 1 min read जीवन जीवन एक संघर्ष है, किन्तु ! जीवन से सुंदर, कुछ भी नहीं । डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 1 2 332 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 22 Nov 2022 · 1 min read कर्म प्रधान हाथों की लकरों को, मिटाया नहीं जा सकता । किस्मत का लेख तो , कर्म से बदला जा सकता है । डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 3 285 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 21 Nov 2022 · 1 min read चरित्र चरित्रवान वही होता है, जो चरित्र को बनाये रखे । एक छोटा सा दुष्कर्म , सारे चरित्र को दूषित कर देता है ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 306 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 21 Nov 2022 · 1 min read आत्मविश्वास आत्मविश्वास के साथ बोला गया , झूठ भी । सत्य की नींव को, डगमगा देता हैं।। डां.अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · कोटेशन 1 375 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 21 Nov 2022 · 1 min read वक्त वक्त की बात है 🌷🌷 वक्त को बदलने के लिए, पहले खुद को बदलो । जब खुद को बदल लोगो, तब वक्त भी बदल जाएगा ।। Hindi · कोटेशन 2 614 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 18 Aug 2022 · 1 min read मौत मौत बस आती नहीं, रूह के निकलने से । सांस मुझमें बाकी है, फिर भी मर गया हूं मैं ।। Hindi · शेर 1 183 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 16 Aug 2022 · 1 min read घडी़ की टिक-टिक⏱️⏱️ घडी़ की टिक-टिक भी, हमें बहुत कुछ सिखलाती है, जीवन की चिक-चिक में, चलना बतलाती है । रुकना ना जिंदगी की दौड़ में कभी, भटकना मत भौतिक चकाचौंध मैं ।... Hindi · कविता 2 433 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 20 Mar 2022 · 1 min read प्रेम रंग रंग चढे़ जब प्रेम का, दूसर चढे़ न कोई । जो दूसर चढ़ जाऐ, तो प्रेम स्वारथ होई । डां.अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · दोहा 2 3 423 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 11 Mar 2022 · 1 min read नेतागिरी नेतागिरी भी इक धंधा है, पैसा कमाने का इक फंडा है । झूठे है वादे झूठी इनकी शान, न माने ये किसी की आन । जन सेवा का करत दिखावा,... Hindi · कविता 4 4 951 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 3 Feb 2022 · 1 min read ठंड (जाडो़ :- बुंदेली रचना ) जा जड़कारे बहुतई पर रई ठंड, उढ़ना पैरे खूबई फिर भी कांपे अंग । सपरबे की कोऊ कैहै तो हो जैहे जंग, अगयाने को छोडो़ जात न संग ।। पानी... Hindi · मुक्तक 3 6 908 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 18 Jan 2022 · 1 min read मेरे लिए..... तेरी तबस्सुम ही तरन्नुम है मेरे लिए, और क्या चाहिए मुझे मेरे लिए । फ़ना हो जाऊ तेरे इश़्क के लिए, दिल में थोडी़ जगह रखना मेरे लिए ।। डां.... Hindi · शेर 1 310 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 16 Jan 2022 · 1 min read कोरोना संग चुनाव बज गयी है डुगडुगी, चुनाव छाया चहुं ओर । भाग गया कोरोना, बिन चुनाव की ओर । नाइट में कर्फ्यू , दिन में बैंड बाजा । बंद हुए है विद्यालय... Hindi · कविता 2 6 577 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 12 Jan 2022 · 1 min read राधे - कृष्णा हे ! बरसाने वारी, हे ! कृष्ण प्यारी । हे ! राधे, एक बार मिला दे, मुझसे मेरे कृष्ण मुरारी ।। मैं तो हूं भक्त मोहन कौ, तुमसे विनती करौ... Hindi · गीत 480 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 10 Jan 2022 · 1 min read दर्द हम रूठे दिलों को मनाने में रह गये, गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गये । मंजिल हमारी, हमारे करीब से गुजर गयी, हम अपनों को पहचानने में रह... Hindi · शेर 2 6 821 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 5 Jan 2022 · 1 min read हे ! जग स्वामी हमरौ नइयां दूसर कोई, जग में नाथ तुम्हारे । सुन लो विपदा हमरी, तुम्हीं सब संकट टारो । चाह नहीं धन सम्पत्ति की, प्रभु तुम्हरो आशीष पाऊं । तज कर... Hindi · मुक्तक 2 4 557 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 5 Jan 2022 · 1 min read साजिश कभी उनसे महफिलें रोशन होती थी, आज वो इस महफिल में गुमनाम हो गये। क्या कोई ख़ता हुई थी उनसे, या किसी साजिश का वो शिकार हो गये । डां.... Hindi · शेर 2 466 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 3 Jan 2022 · 1 min read बेटी क्या संतान नहीं....? दुनियां वालो ये बतलाओ..... ? बेटी क्या संतान नहीं ? मन्नत करते बेटे को, क्या बेटी कुल का मान नहीं ? खुद एक मां किसी की बेटी है, फिर भी... Hindi · कविता 5 10 1k Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 24 Sep 2021 · 1 min read तितली हूं मैं मैं घातक नहीं इस जहां के लिए। न छेड़ती किसी की जिंदगी को, न बांधों मुझे बेड़ियों से, मासूम सी तितली हूं मैं। प्रकृति की शोभा बढा़ती , रंग बिरंगे... Hindi · कविता 1 431 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 17 Aug 2021 · 1 min read बचपन और पचपन बचपन और पचपन एक सा नजर आता है, तब भी जिद्दी थे, अब भी जिद्दीपन नजर आता है । बचपन की अभिलाषाओं को पूरी करते पचपन के हो गये, पचपन... Hindi · मुक्तक 2 2 539 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 10 Aug 2021 · 1 min read आभारी हूं... आभारी हूं इस मंच का, लिखने की अलख जगाई है। बढा़कर हौसला मेरा, नित्य नयी बात सिखलाई है ।। डां. अखिलेश बघेल दतिया (म.प्र.) Hindi · शेर 1 355 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 9 Aug 2021 · 1 min read चाहत बडी़ शिद्दत से चाहा है, यूं भुलाना आंसां नहीं । अब दवा दे या जहर, तेरे दर से खाली हाथ जाना नहीं । Hindi · शेर 3 2 516 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 9 Aug 2021 · 1 min read अज़नबी हो गये नजरों से नजरें न मिला सके वो, लगता है वो अब फ़रेबी हो गये । जो कभी साथ जीने मरने की कसमें खाते थे, आज हम उनकी मज़लिस में अज़नबी... Hindi · शेर 6 2 335 Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 9 Aug 2021 · 1 min read खामोशी भी कुछ कहती है खामोशी भी बहुत कुछ कहती है, मगर वो समझने वाली नजर चाहिए । खुशी में खामोशी की मंद मुस्कुराहट, गम में अश़्कों को पढ़ने वाला चाहिए । यूं तो लाखों... Hindi · मुक्तक 2 1k Share Dr. Akhilesh Baghel "Akhil" 8 Aug 2021 · 1 min read उजडा़ चमन उजड़ गया इस बरसात में मेरा चमन, कोई छीन ले गया मेरा चैन ओ अमन । घनघोर घटाओं ने आसमान को घेरा, फट गये बादल छाया चहुं ओर अंधेरा ।... Hindi · मुक्तक 2 367 Share Page 1 Next