Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 200 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Previous Page 2 Next Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 14 Nov 2018 · 1 min read 🚩माँ, हर बचपन का भगवान 🚩 माँ, हर बचपन का भगवान । सजग सुकोमल मनभावन ममता का अमल वितान । 🧿 जित देखो उत प्रेम-फुहारों से भरती सुत का दिल । सदा सुहावन लोरी गाकर,... "माँ" - काव्य प्रतियोगिता · कविता 9 58 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 12 Nov 2018 · 1 min read 🇭🇺 श्रीयुत अटल बिहारी जी श्रीयुत अटल बिहारी जी राष्ट्र संस्कृति पालक बन की जन-रखवारी जी 🧿 जनसंघी ने संघर्षों का अनुपम बिगुल बजाया राष्ट्र-भूमि पर मत्था टेका, रण में शीश उठाया जय जवान, जय... Hindi · कविता 2 1 962 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 22 Sep 2018 · 1 min read गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है हर महीना रार- सा अब लग रहा है सूना पीपल, पंखा विद्युत का चला वक्त भौतिक यार-सा अब लग रहा है किसानी... Hindi · कविता 4 1 887 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 21 Sep 2018 · 1 min read वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है कबड्डी खो -खो का बीता दौर है | गाँव में अब जुआड़ियों का शोर है | सूना मुखिया-द्वार सूनी डेहरी | वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है |... Hindi · नायक जी के मुक्तक 2 774 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 26 Aug 2018 · 1 min read धागा भाव-स्वरूप, प्रीति शुभ रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व में ,छिपा प्रेम सह ज्ञान | नहीं भूलना करें जब, पितु जी कन्यादान || पितु जी कन्यादान, रक्त- ऋण सु यश चुकाना | भौतिक भ्रम जग-चूल भँवर में... Hindi · कुण्डलिया 540 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Jun 2018 · 3 min read 🚩अमर कोंच-इतिहास 🧿मुक्तक ........ 🥎 कोंच भी आनंद-पथ सह ध्यान है । क्रौंच ऋषि -आलोक का प्रतिमान है । राष्ट्रहित में बढे पग, फिर ना रुके । वीरता के गान का सोपान... Hindi · गीत 1 1 3k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 26 May 2018 · 1 min read 🚩मिलन-सुख की गजल-जैसा तुम्हें फैसन ने ढाला है आपकी जुल्फें चाँदी-सीं रंग उन पर अति काला है । मिलन-सुख की गजल-जैसा तुम्हें फैसन ने ढाला है । बुढापे की मस्त झुर्रीं, दे रहीं हैं आहट सँभलो । इसलिए... Hindi · ग़ज़ल/गीतिका 2 1 2k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 24 Apr 2018 · 1 min read जीत-हार में भेद ना, जीत-हार में भेद ना,हो जाता जब प्रेम| दो उर,निज दिल हारकर, जीत बने सद्प्रेम || ................................ उर=हृदय,दिल बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सु ऋषि आलोक" कृतियों के... Hindi · दोहा 2 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 Apr 2018 · 8 min read 🚩🚩 "पं बृजेश कुमार नायक" का परिचय 🦜 (1) पारिवारिक, शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक परिचय =================================== 🧿 (1) नमन ‘बृजेश कुमार’ का, गुरुवर हो स्वीकार। ‘नायक’ शुभ उपनाम प्रभु, तुम सद्ज्ञानाधार।। तुम सद्ज्ञानाधार 1️⃣’एम.ए.’डिग्री धारक बना, ग्रहण कर... Hindi · पं बृजेश कुमार नायक का परिचय 6 3 7k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 30 Mar 2018 · 1 min read चूँ-चूँ चूँ-चूँ आयी चिड़िया चूँ-चूँ चूँ-चूँ आयी चिड़िया बच्चों के मन भायी चिड़िया चंदा मामा के घर पहुँची खेल खिलौने लायी चिड़िया कक्षा में बोली पढ़ लो तुम सद्ज्ञानी सूरज बन लो तुम मैं... Hindi · बाल कविता 2 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 29 Mar 2018 · 1 min read सदा बढता है,वह 'नायक', अमल बन ताज ठुकराता| जो नर-मन खुशमिजाज़ी का सुघड़ अंदाज बन जाता | उसी जीवन में आनंदी भरा गुणराज आ जाता | न जाने आगे-पीछे का, निरंतर आज में रहकर | सदा बढता है,वह... Hindi · मुक्तक 1 1 727 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 28 Mar 2018 · 1 min read सद्ज्ञानमय प्रकाश फैलाना हमारी शान है। 'नायक' बनकर जिऊँ हरदम,आज में, यह भान है। इसलिए ही अधर हर्षित,बाँटें शुभ, मुस्कान हैं। स्व हृदय में रखता सदा मैं, सूर्य-सम अंदाज को। सद्ज्ञानमय प्रकाश फैलाना हमारी शान है।... Hindi · नायक जी के मुक्तक 559 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Mar 2018 · 1 min read कहाँ तुम पौन हो निज गिरेवाँ झाँक,जानो कौन हो| अहंकारी या सजगता-गौन हो | सूत्र कहता,स्वयं को पहचान कर | जो बढोगे,फिर कहाँ तुम पौन हो | ......................................... Pt Brijesh Nayak (बृजेश कुमार नायक... Hindi · मुक्तक 2 1 770 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 26 Dec 2017 · 1 min read सद्आत्मा शिवाला इंसानियत के ख़ातिर, दूँ मैं प्रेम- प्याला । पीना अगर तो पी लो, सद्आत्मा शिवाला ।। ---------------------------------------------------- पं बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के... Hindi · दोहा 1 773 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Sep 2017 · 1 min read 🚩प्रकृति 🧿दोहे वर्षा ऋतु सद्प्रीति का, सुंदर भाव-विधान। क्षण-क्षण मिलन समान है,कर लो अनुसंधान। । प्रकृति-प्रेम सुख-धाम है,त्याग दीजिए शोक। ज्ञान ग्रहण कर के बनो,आप प्रीति-आलोक। । 🧿गीत .प्यार देकर प्रकृति... Hindi · गीत 1 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Sep 2017 · 1 min read प्रकृति वर्षा ऋतु सद्प्रीति का सुंदर भाव-विधान | क्षण-क्षण मिलन समान है कर लो अनुसंधान || प्रकृति -प्रेम सुख- धाम है त्याग दीजिए शोक | ज्ञान ग्रहण करके बनो आप प्रीति-आलोक... Hindi · दोहा 692 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Sep 2017 · 1 min read कर्म-पथ से ना डिगे वह आर्य है। सजग कर दे राष्ट्र को आचार्य है । गुरु वही जो आत्मपथमय कार्य है । रीढ ,वह ही लोक की बनता सदा। कर्म-पथ से ना डिगे वह आर्य है ।... Hindi · मुक्तक 2 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Sep 2017 · 1 min read इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ छोड़ कर जग-द्वंद, मैं शुभ मुहब्बत गह हर्ष हूँ । दिल गलाऊँ ,मोमबत्ती-सम जलूँ , आदर्श हूँ । हिंद पावन औ सदा ही प्यारमय अतिशय सघन इसी से सद् आत्मिक-आनंदमय... Hindi · नायक जी के मुक्तक 1 1 526 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Sep 2017 · 1 min read शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का तिरंगा बन गया लेकिन लट्ठ गह सद्ज्ञान का। इसी से ही उच्चता औ विवेकी धन ध्यान का मिला,फहराया अमन बन,विश्व के कल्याणहित। शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का। ....................................................... ✓मेरी... Hindi · नायक जी के मुक्तक 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 Sep 2017 · 1 min read प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से शुभ सुहिंदुस्तान हूँ, देखो मुझे आराम से । गुलामीं के निशा, दर्दीले-जवाँ पैगाम से । घाव गहरे दिए पर, मुस्कान का आलोक गह प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम... Hindi · मुक्तक 2 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 16 Aug 2017 · 4 min read 🌹🌹 झाॅंसी की वीरांगना क्षिति पर अंधड़-सा आया,तलवार हाथ ले निकल पड़ी| देख फिरंगी की छाती पर, अश्व-टाप धर आज चढी़| 🪔 सयश-वीरता खेल खेलती,झाँसी की मर्दानी थी। मातृभूमि की जय,जय रानी,बुंदेलों की वाणी... Hindi · कविता 2 1 10k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 6 Aug 2017 · 1 min read शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए ,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं | जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं || -राष्ट्र हमारा कल गुलाम था आज स्वयं हम ही गुलाम है... Hindi · कविता 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 3 Jul 2017 · 1 min read 🪔सत् हंसवाहनी वर दे, 🔔प्रार्थना ............. सत् हंसवाहनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे । समता-ममता के पीयूष से, नव भारत भर दे । 🥎 अंतर्ज्ञान जगा दे मैया , कभी न रहूँ विकल... Hindi · गीत 1 948 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 28 Jun 2017 · 1 min read मनुआँ काला, भैंस-सा गंगाजल के बीच में, तन धोबें बन भैंस | मनुआँ काला, भैंस-सा,जे अच्छे या भैंस || ....................................................... बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक"कृतियों के प्रणेता जागा... Hindi · दोहा 1 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 25 Jun 2017 · 2 min read ऊँच-नीच के कपाट । अभी तो ऊँच-नीच के कपाट हैं । कहीं हैं ठाटबाट ,कहीं टाट हैं। जातिवाद की भी हैं पहेलियाँ। चीखतीं हैं घर में सुप्त बेटियाँ। मनमय मयूर बन मदांध फूलता। जग-द्वंद... Hindi · कविता 2 1 4k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 21 Jun 2017 · 1 min read 🚩अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश ✒️ लेखन वह, जो राष्ट्रहित- सजग चेतनाकाश देकर, बने सु प्रीति सह मातृभूमि-उल्लास| सहजरूप गह, दिव्यता का छूू ले उत्कर्ष| अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश| .......................................................... "जागा हिंदुस्तान... Hindi · मुक्तक 660 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 5 Jun 2017 · 1 min read पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब पर्यावरण बचा लो, कर लो बृक्षों की निगरानी अब | प्रकृति-प्रेम बिन गर्म हवाएं ,बन गईं रेगिस्तानी अब | हाल यही यदि रहा,रोएगा निश्चय मानव पानी बिन | सघन शाप... Hindi · शेर 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 3 Jun 2017 · 1 min read बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।। विश्रामालय रेल का कुंच पड़ गया नाम। गोरों-शासन बाद तक ऋषि को किया प्रणाम।। ऋषि को किया प्रणाम कुंच स्टेशन भाया। संशोधित पुनि नाम कुंच से कोंच बनाया। कह 'नायक'... Hindi · कुण्डलिया 1 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 11 May 2017 · 1 min read जो दहन होलिका का हुआ है तो क्यों? जो दहन होलिका का हुआ है तो क्यों? मन नहीं मिलते हैं, दूरियाँ बढ रहीं | रक्षदल रूप का जो भी आकाश है | वह सदा ही अविकसित है, औ... Hindi · गीत 805 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 9 May 2017 · 1 min read सद् गणतंत्र सु दिवस मनाएं सद् गणतंत्र सु दिवस मनाएं । जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं । राष्ट्र हमारा कल गुलाम था आज स्वयं हम ही गुलाम है। अवनति- हिंसामय रोगों... Hindi · कविता 2 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 8 May 2017 · 2 min read 1-अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा2- अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा (दो गीत) राधिका उवाच एवं कृष्ण उवाच 1- राधिका उवाच अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया खगकुलों का सुकलरव महानाद है प्रीति -रस का मनोहर सुखद स्वाद मन हरण... Hindi · गीत 2 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 7 May 2017 · 1 min read मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे। मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे। जनसंख्या विस्फोट कर रहे बन कर के टुच्चे। दिव्य चेत बिन नाच रहा नर, बनकर नंगा । बिना ज्ञान के बढ़े गरीबी ,बढ़ते दंगा ।... Hindi · कविता 3 2k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 6 May 2017 · 1 min read काँटों में खिलो फूल-सम, औ दिव्य ओज लो। धोकर के मन की कालिख सद्प्रीति खोज लो कांटो में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो जिसने भी रक्त चूस सताया है दीन को धिक्कारो ऐसे जीवन ,उस नर प्रवीण... Hindi · गीत 2 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 5 May 2017 · 2 min read 🚩यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो, ऐसा विज्ञान चाहिए 🧿 यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो ऐसा विज्ञान चाहिए जो सोए है उने जगाने का संकल्प महान चाहिए क्षिति नायक तेरे दुखिया मन में प्रकटे जैसे प्रसन्नता अब मुझको ऐसे विचार... Hindi · कविता 6 3 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 5 May 2017 · 1 min read जगे युवा-उर तब ही बदले दुश्चिंतनमयरूप ह्रास का तरुण जाग जाए, तब विकसित राष्ट्र,भाल छूता विकास का। अगर सो गया, भ्रम ,हिंसा औ अवनतिमय दुश्चक्र नाश का। जस मानव,वैसा स्वदेश है,सत्य बात सुनिए सुविज्ञ जन। जगे जवानी तब... Hindi · मुक्तक 551 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 4 May 2017 · 1 min read किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो/ वही तो नवराष्ट्र का उल्लास है रोक सकते हो मुझे, तो रोक लो बढ़ रहा हूँ, चेतना आलोक लो काट डालो तुम हमारे अस्त्र सब किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो चेतना सद्ज्ञान में ना त्रास है... Hindi · मुक्तक 608 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 3 May 2017 · 1 min read आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण चेतनामय लोकहित जागो निपुण। धरणि पर बैकुंठ का हो अवतरण। राष्ट्र पुलकित कहेगा सम्मान से। आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण। ़़़़़़़़़़़़़:़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़ ● उक्त मुक्तक को "जागा हिंदुस्तान चाहिए" काव्य... Hindi · मुक्तक 2 1 905 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 3 May 2017 · 1 min read धारण कर सत् कोयल के गुण जागा अधिवक्ता पतला सा त्यागे तन के कीमती वस्त्र ले हाथ छड़ी जिस ओर बढा पीछे-पीछे पग थे सहस्त्र अनुपम- अतुलित बल का उद्भव आज अहिंसा में है देखा यह... Hindi · कविता 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 May 2017 · 1 min read 🇭🇺 युवकों का निर्माण चाहिए 🌹 युवकों का निर्माण चाहिए, युवकों का निर्माण चाहिए। कलियुग के कलुषित तम हिय को,चीर सके वह बाण चाहिए। 🌹 सज्जनता की ढाल रो रही,काम-क्रोध जयमाल हो रही। विचलित नर... Hindi · कविता 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 May 2017 · 1 min read भारतवर्ष स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है भारत पर स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है विश्वबंधु-दीपक बन जलने वाला सुंदर -प्यारा है लक्ष्मीबाई की कृपाण ने देख फिरंगी को मारा मंगल पांडे,भगत सिंह औ राजगुरू ले ललकारा... Hindi · गीत 3 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 May 2017 · 1 min read कुत्ते भौंक रहे हैं हाथी निज रस चलता जाता कुत्ते भौंक रहे हैं हाथी निज रस चलता जाता। कौन मूर्ख है,आप बताओ,किसका बल से नाता। श्वान कह रहा मेरे डर से भाग रहा है मोटा। मार झपट्टा खा जाऊँगा,समझ... Hindi · गीत 1 1 2k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 May 2017 · 1 min read सुबह ना आए, सुजन यदि दीन है| चेतना बिन नर ,कहाँ स्वाधीन है | ज्ञानमय आलोक तज,दमहीन है | तम जहाँ पर है, वहाँ पर कभी भी सुबह नाआए,सुजन यदि दीन है | बृजेश कुमार नायक "जागा... Hindi · मुक्तक 801 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 May 2017 · 1 min read वह सु रचना देश का सम्मान है । राष्ट्रहित गह दिव्यता,दे चेतना । छाँट दे जो सहज में जन-वेदना । वह सु रचना देश का सम्मान है। छिपी हो जिसमें सजग संवेदना । रचनाकार-बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान... Hindi · मुक्तक 625 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 30 Apr 2017 · 1 min read हिंदी से प्यार करो निज को सद् आचार करो औ प्रेमरूप त्योहार करो। भारतवर्ष प्रगति पाएगा, तुम हिंदी से प्यार करो। •विश्व-विजय की प्रबल साधना हमने की, सद्भाव भरा। वह करते हैं सदा, गालियाँ... Hindi · गीत 2 1 912 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 29 Apr 2017 · 1 min read सुप्त तरुण निज मातृभूमि को हीन बनाकर के विभेद दें। आत्मशुद्धिमय सजग सिपाही, बनकर युवजन लक्ष्य भेद दें। बिना जागरण के स्वदेश को भारऔर तम- द्वंद- खेद दें। समझ न सके राष्ट्र की पीड़ा कैसे कह दें सद्ज्ञानी है। सुप्त... Hindi · मुक्तक 615 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 29 Apr 2017 · 1 min read 🚩जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए ,जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए मानव मन के मल को धोने वाला पावन ज्ञान चाहिए 🧿 गोदी में भूखा रोता है भारत माँ का अंश विकल है। दीन-विवश -बलहीन... Hindi · कविता 3 6 2k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 28 Apr 2017 · 1 min read 🚩परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति के शुभ सुंदर मिलन-सम परशुराम की नीति| सदा बीरता की सुगति, सहित सघन शिव-भक्त | इसीलिए तो हो गई, अमर,कीर्ति-प्रभुरीति| ............................................................. बृजेश कुमार नायक... Hindi · मुक्तक 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 28 Apr 2017 · 1 min read हिंदी हिंदी मेरा हृदय और तन भारत वर्ष पियारा है| देश-प्रेम की पृष्ठभूमि पर जीना धर्म हमारा है| गुजराती, पंजाबी, सिंधी ,बुंदेली, श्रंगार अपुन| राग नशा को त्याग पूर्वी हो हिमगिरी... Hindi · गीत 1 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 27 Apr 2017 · 1 min read प्रगतिमय सद्कोश भारत,मानव सुगति-विज्ञान का निज रुधिर में हिंदी बसी, उर भाव देता ध्यान का| कुछ भी कहो, हम ना सहेंगे ,बोझ अब अज्ञान का | संस्कृति हमारी विश्व को करती सु चेतन, दीप्ति है|... Hindi · मुक्तक 651 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 26 Apr 2017 · 1 min read तरुण जाग जाए तरुण जाग जाए स्वराष्ट्र का, तब ही तो सचमुच विकास है | जन जन के बंधुत्व रूप का उच्च भाल, उर का प्रकाश है | उच्च सजगता का सुवास सह... Hindi · मुक्तक 1 708 Share Previous Page 2 Next