Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक Language: Hindi 204 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Previous Page 2 Next Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read उल्लास रोक सकते हो मुझे,तो रोक लो। बढ़ रहा हूॅं, चेतना -आलोक लो। काट डालो तुम हमारे अस्त्र सब। किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो। चेतना-सद्ज्ञान में ना त्रास है। सो गए... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 1 404 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read दुखों का भार राष्ट्र पर अब भी दुखों का भार है। दिल गरीबी की वजह से क्षार है। दिख रही शोषण -अशिक्षा की कसक। कहें कैसे, अब न अत्याचार है? पं बृजेश कुमार... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 1 456 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read आह राष्ट्र के निर्धन हृदय में,आह यदि रह जाएगी। कहें कैसे,हिंद हिय को दुख नहीं पहुचाॅंएगी। एक नर के रक्त में भी यदि कहीं पीड़ा है तो। दिव्य भारत-भाल को वह... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 1 529 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read व्यंग्य आपको सिखलाएगा व्यंग्य आपको सिखलाएगा, यदि सद्ज्ञानी हो। द्वंद्व -अचेतन दर्श,समझ लो तुम मन-मानी हो। स्वसद्वोधालोक -प्रदाता,बनकर करे विकास। गुरु-सम मानो उसे, तभी तुम चेतन प्राणी हो। पं बृजेश कुमार नायक Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 435 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read जो विष को पीना जाने जो विष को पीना जाने वह ही तो मीरा है। मूरख के आगे अक्ली की बोली तीरा है। कड़क वाक् से, सीख ग्रहण कर लेता जो तज ताप। सहज बने... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read हिंदी निज रुधिर में हिंदी बसी,उर भाव देता ध्यान का। कुछ भी कहो,हम ना सहेंगे,बोझ अब अज्ञान का। संस्कृति हमारी विश्व को करती सु चेतन, दीप्ति है। प्रगतिमय सद्कोश भारत,मानव सुगति... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 1 420 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read कलम लिख दे। कलम लिख दे,गीत गाए भारती। आम-जन दौड़े -उतारे आरती। दिव्यता देती मनुज को प्रीति कब? जब निशा ज्ञानग्नि से जल हारती। नर तभी यश-मान का शुभ भाल है। सजगता के... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 317 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Feb 2024 · 1 min read तरुण तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय। शरम से ऑंखें झुकाता है प्रलय। जाग, सद्नायक बने औ बना दे। राष्ट्र-तम पर अरुण-आभा का निलय। जाग जाएं जन,तभी बलवान बन।... Poetry Writing Challenge-2 · नायक जी के मुक्तक 425 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 25 Jan 2024 · 2 min read 'कोंच नगर' जिला-जालौन,उ प्र, भारतवर्ष की नामोत्पत्ति और प्रसिद्ध घटनाएं। 🌹नामोत्पत्ति 👉प्राचीन काल में यहां पर एक प्राकृतिक झील थी। इस प्राकृतिक झील पर क्रेन सहित कई अन्य पक्षियों का भी आना जाना रहता था। झील में अनवरत जल झरता... Hindi · विवरण 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 12 Feb 2023 · 1 min read 🌹मां ममता की पोटली मां ममता की पोटलीजित खोलो उत प्रेम। बालक को भगवान-सम दिखती बन कर क्षेम।। दिखती बन कर क्षेम दिव्य ममता का ✓पौदा रखती हरा सदैव अमल है त्याग घरौंदा। कहें... Hindi · नायक जी की कुंडलिकाएं 2 1 842 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 17 Dec 2022 · 1 min read 🚩एकांत महान 🚩 अकेलापन सचमुच वरदान। भीड़भाड़ की माया नगरी से एकांत महान। 🧿 दिव्य आत्मा के संगी बन। जुड़ें स्वयं के साथ सुधी जन। अंतर्मुखी बना लो निज को तजकर भ्रम-अज्ञान।... Hindi · गीत 3 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 21 Oct 2022 · 1 min read 🪔🪔दीपमालिका सजाओ तुम। 🪔🪔 दीपमालिका सजाओ तुम। स्वयं ज्ञान-आलोक बनो,सबको नहलाओ तुम। 🧿 दिव्य-शांतिमय प्रेम-प्रदर्शक की वाणी में फलित अहिंसा। किंतु कृत्यमय वाह्य-आचरण से परिलक्षित होती हिंसा। दुहरा चिंतन तजो, हृदय को अब... Hindi · कविता 3 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 2 Jul 2022 · 1 min read 🚩 वैराग्य 🧿१ अमर मरे डोली चली,मरघट ज्ञान-अकाश। जग-तन बिल्कुल व्यर्थ है,गरदन में यम-फाँस।। गरदन में यम-फाँस'मनुज नित काल-गाल बिच। अनुपम ज्ञान-प्रकाश,दिव्य शवदाह-ज्वाल बिच। 'नायक' कह ऋषि क्रौंच,मिली 1️⃣आनंद की डगर पकड़... Hindi · नायक जी की कुंडलिकाएं 5 2 3k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 Jul 2022 · 1 min read 🚩वैराग्य 🧿१ *भार्या का जब हो गया,अपने पति से योग। फिर डर कैसा संत जी,क्यों है आत्म-वियोग।। क्यों है आत्म-वियोग,बूंद को मिला समुंदर। निज मन-मल तज आप ,बने उपकारी मंदिर। ।... Hindi · नायक जी की कुंडलिकाएं 2 2 3k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 9 Jun 2022 · 1 min read 🚩पिता 🧿 पितु,पोषक सद्ज्ञान 1️⃣ठाँव है। नवजीवन-उत्थान 2️⃣पाँव है। जगत्-सिंधु के पास आप,तब। बोध-सूर्य की धूपछाँव है। 🧿 पितु दुलार है,सफल प्यार है। खुशियों की पोषक बयार है। संस्कारों की दिव्य... “पिता” - काव्य प्रतियोगिता एवं काव्य संग्रह · नायक जी के मुक्तक 9 9 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 18 Feb 2022 · 1 min read 🚩आगे बढ़,मतदान करें। 🧿 देश हेतु कुछ काम करें। लोकतंत्र का मान करें। जागरूक बनकर हम सब। आगे बढ़,मतदान करें। 🧿 अवनति-हिंसा का दानव छोड़, चुने सच्चा मानव। प्रेम-शांति-अपनापन औ, सद्विकास-सम्मान करें। आगे... Hindi · कविता 2 2 966 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 6 Jul 2021 · 1 min read 🚩फूलों की वर्षा 💚 दिल बना मजबूत लोहा,ठोकरें खाकर जनाब। अब घनों के वार भी फूलों की वर्षा से लगें। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, पं बृजेश कुमार नायक 🥎 उक्त पंक्तियों को मेरी कृति/काव्यसंग्रह "पं बृजेश... Hindi · शेर 4 2 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 1 Jun 2021 · 1 min read 🌲प्रकृति श्री कृष्ण उवाच 🌹दोहा 🤼 वर्षा ऋतु सद्प्रीति का,सुंदर भाव-विधान। क्षण-क्षण मिलन समान है,कर लो अनुसंधान। । 🤼 प्रकृति-प्रेम सुख-धाम है,त्याग दीजिए शोक। ज्ञान ग्रहण कर के बनो,आप प्रीति-आलोक। ।... “बरसात” – काव्य प्रतियोगिता · गीत 6 19 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 16 Feb 2021 · 1 min read 🌹खिला प्रसून। 🪔 ज्ञान दीप जलता रहे,मन को मिले सुकून। आनंदित हो आतमा,औ दिल खिला प्रसून। । ,,,,, ,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, पं बृजेश कुमार नायक जागा हिंदुस्तान चाहिए, क्रौंच सु ऋषि आलोक एवं... Hindi · दोहा 5 2 760 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 8 Jan 2021 · 1 min read 🏠कुछ दिन की है बात ,सभी जन घर में रह लो। 🏠 कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो। तू-तू मैं-मैं त्याग राष्ट्र-हित में यह सह लो। 🧿 कोरोना की हार हेतु सबको लड़ना है। जीवनहित-सद्ज्ञान पकड़... "कोरोना" - काव्य प्रतियोगिता · कविता 8 55 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 18 May 2020 · 1 min read बंद हैं भारत में विद्यालय. बंद है भारत मे विद्यालय. मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारा सब शांत,खुले मदिरालय.. लाकडाउन में घर पर बैठे,पत्नी आधी सूखी. हीरोइन बर्तन माँजे औ बर्तनबाली भूखी.. घर में बैठे नर-नारी भर रहे नित्य शौचालय...... Hindi · कविता 2 1 635 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 24 Mar 2020 · 1 min read कुछ दिन की है बात कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो। तू-तू मैं मैं त्याग ,राष्ट्रहित में यह सह लो। कोरोना की हार हेतु सबको लड़ना है। जीवनहित सद्ज्ञान,पकड़ कर... Hindi · गीत 2 1 838 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Nov 2018 · 1 min read नूतन सद्आचार मिल गया नूतन सद् आचार मिल गया अपनापन सद्भाव प्रेम सह विज्ञ सुजन व्योहार मिल गया गाँव-संस्कृति में कुरीतियाँ, धर्मांधता, अशिक्षा -साया। शहर-संस्कृति में विकास सह बोधी मन की चेतन माया। नो... Hindi · कविता 3 5 916 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 16 Nov 2018 · 1 min read रोमांस है उम्र क्या,जब जग गया प्रेमांस है ? मस्त मन है, जवानी को आँस है | हँसा बुड्ढा ज्ञान बनकर, जवाँ दिल, रूप-लिप्सा वस मिले,रोमांस है | ....... पं बृजेश कुमार... Hindi · मुक्तक 3 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 14 Nov 2018 · 1 min read 🚩माँ, हर बचपन का भगवान 🚩 माँ, हर बचपन का भगवान । सजग सुकोमल मनभावन ममता का अमल वितान । 🧿 जित देखो उत प्रेम-फुहारों से भरती सुत का दिल । सदा सुहावन लोरी गाकर,... "माँ" - काव्य प्रतियोगिता · कविता 9 58 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 12 Nov 2018 · 1 min read 🇭🇺 श्रीयुत अटल बिहारी जी श्रीयुत अटल बिहारी जी राष्ट्र संस्कृति पालक बन की जन-रखवारी जी 🧿 जनसंघी ने संघर्षों का अनुपम बिगुल बजाया राष्ट्र-भूमि पर मत्था टेका, रण में शीश उठाया जय जवान, जय... Hindi · कविता 2 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 22 Sep 2018 · 1 min read गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है हर महीना रार- सा अब लग रहा है सूना पीपल, पंखा विद्युत का चला वक्त भौतिक यार-सा अब लग रहा है किसानी... Hindi · कविता 4 1 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 21 Sep 2018 · 1 min read वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है कबड्डी खो -खो का बीता दौर है | गाँव में अब जुआड़ियों का शोर है | सूना मुखिया-द्वार सूनी डेहरी | वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है |... Hindi · नायक जी के मुक्तक 2 1k Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 26 Aug 2018 · 1 min read धागा भाव-स्वरूप, प्रीति शुभ रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व में ,छिपा प्रेम सह ज्ञान | नहीं भूलना करें जब, पितु जी कन्यादान || पितु जी कन्यादान, रक्त- ऋण सु यश चुकाना | भौतिक भ्रम जग-चूल भँवर में... Hindi · कुण्डलिया 652 Share Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक 20 Jun 2018 · 3 min read 🚩अमर कोंच-इतिहास 🧿मुक्तक ........ 🥎 कोंच भी आनंद-पथ सह ध्यान है । क्रौंच ऋषि -आलोक का प्रतिमान है । राष्ट्रहित में बढे पग, फिर ना रुके । वीरता के गान का सोपान... Hindi · गीत 1 1 3k Share Previous Page 2 Next