कोई फर्क नहीं पड़ता कितने प्री, मैंस, इंटरव्यू दिये, परीक्षा

कोई फर्क नहीं पड़ता कितने प्री, मैंस, इंटरव्यू दिये, परीक्षा देने कितने शहर गये, कितनी यात्रायें की या लाइब्रेरी में कितने घंटे बिताये कितने नोट्स बनाये या पढ़ डाली कितनी किताबें, कितनी रातें जगकर बिता दी या भूखे पेट सोये कितने दिन, अगर रिजल्ट वाले दिन तुम्हारा रोल. न., तुम्हारे फेवर में न रहा तो कोई फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी मेहनत और तुम्हारी कोशिशों का ये ध्यान रखना, हमेशा ध्यान रखना।
रोल नंबर से नहीं, तेरी मेहनत से पहचान होगी,
रिजल्ट एक दिन का है, पर सफर की कहानी लंबी होगी।
हर ठोकर, हर असफलता, एक नया सबक सिखाएगी,
जो रुका नहीं, वही जीत की ओर बढ़ पाएगा।
हार-जीत से परे, तेरा जज़्बा सबसे बड़ा है,
इस सफर को जारी रखना, यही असली इम्तिहान है!”