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18 Jul 2024 · 1 min read

उम्मीदों का सूरज ढलने लगा है

उम्मीदों का सूरज ढलने लगा है
मेरा यार खुद को बदलने लगा है

आज जब उसने जाने को बोला
ठहरा वक्त गया चलने लगा है

हम बिखरे मगर यह तस्सली है
कोई तो है जो संभलने लगा है

मैं खुश हूं की मेरा यार खुश है
दिल मगर ज़रा जलने लगा है

वो दे गया दर्दों-गम की सौगात
सौगात से दिल बहलने लगा है

रास नहीं आती खुली हवा अब
वो बंद कमरे में टहलने लगा है

🖤

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