Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Apr 2024 · 1 min read

नारी

मनीषियों , संतो , शूरवीरों की जगत जननी ,
ममता से सहेजती संस्कारों से सँवारती त्याग की प्रतिमूर्ति ,
जीवन पथ पर बनी प्रेरणा स्रोत वह जीवनसंगिनी ,

सहनशीलता की पराकाष्ठा का साकार रूप लिए , संघर्षरत स्वर्ग से सुंदर घर संसार निर्माण में लीन,
अविचिलित अपनों के उज्जवल भविष्य की चेष्टा में तल्लीन ,

असीम आत्मबल लिए दूसरों का संबल स्रोत बनी
फिर भी निरूपित होती अबला के नाम से !

किंचित् हमारे विकार, विफलता ,और कुँद मानसिकता उसे सबला कहने से झुठलाते हैं !

हमारी दंभी पुरुष मनोवृत्ति इस सत्य को मानने से नकारती है !

हम भूल जाते हैं उसकी देन हैं हम !
यह हमारा अस्तित्व !
और नाहक प्रयत्न करते हैं मिटाने उसे भ्रूण में !

हमें याद नहीं रहती वह जो पुरानी कहावत है ,
” ना रहेगा बाँस तो कहां से बनेगी और बजेगी बाँसुरी”,

क्योंकि बिना बाँस की बाँसुरी से सुर नहीं
आर्तनाद ही निकलेगा !

जब संस्कार ही नहीं होंगे तब मानव नहीं क्लोन रूपी दानव निर्मित होंगे !
एक दूसरे के प्रतिरूप बने तथाकथित मानव अपनी विनाश लीला से ऐसा उत्पात मचाएंगे !

तब यह वसुंधरा जो स्वर्ग से सुंदर लगती है !
नर्क से भी बदतर रसातल में पहुंच जाएगी !

1 Like · 74 Views
Books from Shyam Sundar Subramanian
View all

You may also like these posts

भूल नहीं पाता
भूल नहीं पाता
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
दशहरा
दशहरा
शालिनी राय 'डिम्पल'✍️
किसी का कचरा किसी का खजाना होता है,
किसी का कचरा किसी का खजाना होता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
- क्या खाक मजा है जीने में।।
- क्या खाक मजा है जीने में।।
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Santosh Soni
ये दिल न जाने क्या चाहता है...
ये दिल न जाने क्या चाहता है...
parvez khan
Bundeli doha-fadali
Bundeli doha-fadali
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
कैसा होगा भारत का भविष्य
कैसा होगा भारत का भविष्य
gurudeenverma198
फिर तेरी याद आई , ए रफी !
फिर तेरी याद आई , ए रफी !
ओनिका सेतिया 'अनु '
नज़र से तीर मत मारो
नज़र से तीर मत मारो
DrLakshman Jha Parimal
बिना कुछ कहे
बिना कुछ कहे
Harminder Kaur
संपूर्ण राममय हुआ देश मन हर्षित भाव विभोर हुआ।
संपूर्ण राममय हुआ देश मन हर्षित भाव विभोर हुआ।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
पानी में हीं चाँद बुला
पानी में हीं चाँद बुला
Shweta Soni
ललक लालसा और लालच
ललक लालसा और लालच
Nitin Kulkarni
हे प्रभु इतना देना की
हे प्रभु इतना देना की
विकास शुक्ल
"कुछ तो गुन गुना रही हो"
Lohit Tamta
Oh life ,do you take account!
Oh life ,do you take account!
Bidyadhar Mantry
आओ वृक्ष लगाओ जी..
आओ वृक्ष लगाओ जी..
Seema Garg
आशाएं
आशाएं
शिवम राव मणि
*भूख जीवन का सबसे बड़ा सच है*
*भूख जीवन का सबसे बड़ा सच है*
Rambali Mishra
"विरले ही लोग"
Dr. Kishan tandon kranti
संविधान के पहरेदार कहां हैं?
संविधान के पहरेदार कहां हैं?
Shekhar Chandra Mitra
यही जिंदगानी है
यही जिंदगानी है
पूर्वार्थ
(साक्षात्कार) प्रमुख तेवरीकार रमेशराज से प्रसिद्ध ग़ज़लकार मधुर नज़्मी की अनौपचारिक बातचीत
(साक्षात्कार) प्रमुख तेवरीकार रमेशराज से प्रसिद्ध ग़ज़लकार मधुर नज़्मी की अनौपचारिक बातचीत
कवि रमेशराज
4887.*पूर्णिका*
4887.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चाँद और इन्सान
चाँद और इन्सान
Kanchan Khanna
क्या? किसी का भी सगा, कभी हुआ ज़माना है।
क्या? किसी का भी सगा, कभी हुआ ज़माना है।
Neelam Sharma
जीवन चक्र
जीवन चक्र
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
संदेश
संदेश
Shyam Sundar Subramanian
*हिंदी साहित्य में रामपुर के साहित्यकारों का योगदान*
*हिंदी साहित्य में रामपुर के साहित्यकारों का योगदान*
Ravi Prakash
Loading...