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27 Feb 2024 · 1 min read

सफ़ीना छीन कर सुनलो किनारा तुम न पाओगे

सफ़ीना छीन कर सुनलो किनारा तुम न पाओगे
लहर पत्थर को चाहत की अदाओं से डुबाती हैं

आर.एस.’प्रीतम’

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