हल्की बातों से आँखों का भर जाना
"Multi Personality Disorder"
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
जितना बदलना हैं बेशक बदल जाओ
At the end of the day, you have two choices in love – one is
बज्जिका के पहिला कवि ताले राम
इश्क
कल्पना सोनी "काव्यकल्पना"
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"प्यार की अनुभूति" (Experience of Love):
एक नज़्म _ सीने का दर्द मौत के सांचे में ढल गया ,
*जाते तानाशाह हैं, कुर्सी को जब छोड़ (कुंडलिया)*
समस्त वंदनीय, अभिनन्दनीय मातृशक्ति को अखंड सौभाग्य के प्रतीक
होली मैया जीवन के कलुष जलाओ