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7 Mar 2023 · 1 min read

💐 Prodigy Love-33💐

Oh Dear!
Nothing is vile between you and me.
But all is sacred as feelings of hearts.
All are seeing.
What are they have pious sight?
No,they have only mundane insight.
Therefore,no one can imagine or see our life.
For their,all are stable.But we are progressing internlly.
Let speak them.
And listen but not aptly.
Shows frugality in our ideas.
It is not making you dull.
But we shall use attention wall.
It will make us precious.
So,we should have remain precious.
Yes, it would.
We are unlimited
Oh dear!

©® Abhishek Parashar “Aanand”

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