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24 Jul 2023 · 1 min read

Bikhari yado ke panno ki

Bikhari yado ke panno ki
Tu ek paheli suljhi si hai.
Teri khuch yade mithi si
Khuch tu sbse puri si hai.
Mere band kitabo ki ,
Tu jugnu hai adhiyaro ki.
Roshan jisne khud ko karke
Khushiya bhardi ujalo si.
Tu naya basera bunti ja
Tu naya sabera gunti ja.
Rishto ke gahre dhago se
Tu aasman ko silti ja.
Tu simat nhi tasviro me
Tu tez havaye si bahti ja .
Tu har ek nadi ko par kar
Aur kinare ki taraf badhti ja.

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