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17 May 2024 · 1 min read

3472🌷 *पूर्णिका* 🌷

3472🌷 पूर्णिका 🌷
दुनिया यूं रौशन हो गए
22 22 2212
दुनिया यूं रौशन हो गए ।
प्यारा सा मौसम हो गए ।।
दिल की बातें समझे सनम ।
जीवन भी सरगम हो गए ।।
बस कहते तुम कहना नहीं ।
दूर यहाँ सब गम हो गए ।।
रात सुहानी दिन मस्त जहाँ ।
साथी रोज मगन हो गए ।।
जब भरते खेदू हामियां ।
सच पत्थर गुलबदन हो गए ।।
………..✍ डॉ .खेदू भारती “सत्येश “
17-05-2024 शुक्रवार

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