Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Jan 2024 · 1 min read

2885.*पूर्णिका*

2885.*पूर्णिका*
🌷 *मेहनत से प्यार करते है *🌷
212 22 2122
मेहनत से प्यार करते हैं ।
ये जहाँ पे यार मरते हैं ।।

मंजिलों से दोस्ती रखे हम ।
ख्वाब खुशियाँ ,गम हरते हैं ।।

देख कर कोई गीत गाते ।
रोज सब को तार तरते हैं ।।

खूबसूरत ये आज अपना।
दुश्मन खुद को मार मरते हैं ।।

फ्री यहाँ तो हर चीज खेदू।
लोन भी सरकार भरते हैं ।।
…….✍ डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
03-01-2024बुधवार

84 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-463💐
💐प्रेम कौतुक-463💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शेष न बचा
शेष न बचा
Er. Sanjay Shrivastava
सच तो हम इंसान हैं
सच तो हम इंसान हैं
Neeraj Agarwal
इस हसीन चेहरे को पर्दे में छुपाके रखा करो ।
इस हसीन चेहरे को पर्दे में छुपाके रखा करो ।
Phool gufran
पुरानी यादें ताज़ा कर रही है।
पुरानी यादें ताज़ा कर रही है।
Manoj Mahato
अपने जीवन के प्रति आप जैसी धारणा रखते हैं,बदले में आपका जीवन
अपने जीवन के प्रति आप जैसी धारणा रखते हैं,बदले में आपका जीवन
Paras Nath Jha
■ आज की सलाह...
■ आज की सलाह...
*Author प्रणय प्रभात*
ज़िंदगी को जीना है तो याद रख,
ज़िंदगी को जीना है तो याद रख,
Vandna Thakur
जिस प्रकार सूर्य पृथ्वी से इतना दूर होने के बावजूद भी उसे अप
जिस प्रकार सूर्य पृथ्वी से इतना दूर होने के बावजूद भी उसे अप
Sukoon
आस नहीं मिलने की फिर भी,............ ।
आस नहीं मिलने की फिर भी,............ ।
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
हर हाल मे,जिंदा ये रवायत रखना।
हर हाल मे,जिंदा ये रवायत रखना।
पूर्वार्थ
कविता
कविता
Rambali Mishra
शंभु जीवन-पुष्प रचें....
शंभु जीवन-पुष्प रचें....
डॉ.सीमा अग्रवाल
दर्शन की ललक
दर्शन की ललक
Neelam Sharma
"व्यर्थ सलाह "
Yogendra Chaturwedi
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
Gouri tiwari
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
** मुक्तक **
** मुक्तक **
surenderpal vaidya
अगर मध्यस्थता हनुमान (परमार्थी) की हो तो बंदर (बाली)और दनुज
अगर मध्यस्थता हनुमान (परमार्थी) की हो तो बंदर (बाली)और दनुज
Sanjay ' शून्य'
बेटा हिन्द का हूँ
बेटा हिन्द का हूँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
होगा कौन वहाँ कल को
होगा कौन वहाँ कल को
gurudeenverma198
मन की पीड़ा
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
कहते  हैं  रहती  नहीं, उम्र  ढले  पहचान ।
कहते हैं रहती नहीं, उम्र ढले पहचान ।
sushil sarna
जिंदगी के तूफानों में हर पल चिराग लिए फिरता हूॅ॑
जिंदगी के तूफानों में हर पल चिराग लिए फिरता हूॅ॑
VINOD CHAUHAN
12) “पृथ्वी का सम्मान”
12) “पृथ्वी का सम्मान”
Sapna Arora
"स्वामी विवेकानंद"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
Neerja Sharma
धर्म और संस्कृति
धर्म और संस्कृति
Bodhisatva kastooriya
*बिटिया रानी पढ़ने जाती {बाल कविता}* ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
*बिटिया रानी पढ़ने जाती {बाल कविता}* ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
Ravi Prakash
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...