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31 Jan 2024 · 1 min read

दिल के दरवाजे भेड़ कर देखो – संदीप ठाकुर

दिल के दरवाजे भेड़ कर देखो
जख़्म सारे उधेड़ कर देखो
बंद कमरे में आईने से कभी
तुम मेरा जिक्र छेड़ कर देखो

संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur

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