Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

हमरा क़लम के तलवार बना दअ

बरछी बना दअ!
किरपाण बना दअ!!
तीर बना दअ!
कटार बना दअ!!
लड़े के बाटे
युद्ध एगो हमके!
हमरा कलम के
तलवार बना दअ!!
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra

227 Views
You may also like:
माँ की परिभाषा मैं दूँ कैसे?
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
पेशकश पर
Dr fauzia Naseem shad
ज़िंदगी को चुना
अंजनीत निज्जर
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
शहीदों का यशगान
शेख़ जाफ़र खान
✍️इतने महान नही ✍️
Vaishnavi Gupta
पिता की याद
Meenakshi Nagar
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
*!* दिल तो बच्चा है जी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
रेलगाड़ी- ट्रेनगाड़ी
Buddha Prakash
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
हमनें ख़्वाबों को देखना छोड़ा
Dr fauzia Naseem shad
संविदा की नौकरी का दर्द
आकाश महेशपुरी
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
Little sister
Buddha Prakash
मां की ममता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
दो जून की रोटी उसे मयस्सर
श्री रमण 'श्रीपद्'
सागर ही क्यों
Shivkumar Bilagrami
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
हे पिता,करूँ मैं तेरा वंदन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
सच्चे मित्र की पहचान
Ram Krishan Rastogi
यादें
kausikigupta315
नदी को बहने दो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तू नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
पिता
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जीवन-रथ के सारथि_पिता
मनोज कर्ण
Loading...