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10 Jun 2021 · 1 min read

पिरामिड कविता- “आदमी”

पिरामिड कविता-“आदमी”
*******************

मैं
करूं
तलाश
इंसान में
एक सत्य की,
मिलता असत्य।
मुखौटा पहन के
धोखा देता है आदमी,
कितना स्वार्थी है आदमी।
जानवर बनता आदमी।।
****
कवि- राजीव नामदेव “राना लिधौरी”
संपादक- “आकांक्षा” पत्रिका
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष-वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com
Blog-rajeevranalidhori.blogspot.com

Language: Hindi
1 Like · 343 Views
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