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7 May 2022 · 1 min read

जीवन इसी का नाम है

समुद्र मंथन चल रहा है
हो रहा कोई मज़ाक तो नहीं
अमृत चाहिए सबको
हलाहल किसी को नहीं

अमृत के साथ विष भी
मंथन से निकलता है
सुख के साथ दुख भी
इस जीवन में मिलता है

है यही सच्चाई जीवन की
हम समझना नहीं चाहते
अपने जीवन में कोई दुःख
कभी देखना नहीं चाहते

सुख के साथ साथ होंगे
दुख भी जीवन में
जन्म हुआ है तो आयेगी
मौत भी जीवन में

मिलना है तो बिछड़ना भी
जीवन की सच्चाई है
आज बारात आई है अगर
कल अवश्य विदाई है

शुरू हुआ जो काम, उसका
कभी खत्म होना निश्चित है
पैदा हुआ है अगर तू आज
कभी मरना भी सुनिश्चित है

पियेगा जो हलाहल
वही शिव बन पाएगा
दुखों से डरने से तुम्हारा
ये जीवन न चल पाएगा

दुख, दर्द, मुसीबतों का
जब करोगे सामना तुम
जीतकर इनसे ही कर पाओगे
अपना जीवन सफल तुम

Language: Hindi
13 Likes · 7 Comments · 369 Views
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