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13 Nov 2023 · 1 min read

🥀*अज्ञानी की कलम*🥀

🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
बहर २१२२ १२१२२२

दर्श से अर्श तक तरसत हैं ख्वाबों में।
मन में निर्खत आश आखों में।।
तिनके का सहारा न किनारा सा।
गुरु कृपा से राम राहों में।।

जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
झाँसी उ•प्र•

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