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15 Dec 2022 · 1 min read

💐💐उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने💐💐

##मणिकर्णिका##
##हे बौनी!नारियल की तरह फोडूँगा##
##अपना चिन्तन बदल लें बौनी##
##अभिषेक उन्ही का होता है,जिनके भाग्य में होता है##

उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने,
उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने,
रुसवा तुमने किया करते रहो,
सफ़र में हमसफ़र की तलाश में था,
कोई अन्दाज भी न था बहका सा,
हमें देखने का ही दिखावा करते रहो,
उनकी हर बात को अक्ल से सुना मैंने
उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने।।1।।
कोई श्रंगार की बातें न थीं मन में,
वो सादा थे कितने सादा थे,
कोई एतबार का सवाल नहीं था,
फिर यह ख़्याल क्यों?आया उनके मन में,
‘कितना तन्हा हूँ मैं’सोचा मैंने,
उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने।।2।।
मेरा दिल था जंगल नहीं था,
वो किस्से बनाते रहे कैसे कैसे,
किसी बुरे हश्र का ख़्याल था ग़र उन्हें,
सुलझाते उसे,दंगल नहीं था,
‘तुम मेरे इश्क़ के मज़मून हो’कहा था मैंने,
उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने।।3।।
न कोई सवाल है,न जबाब है,
कभी मिलेंगे उनसे बेताब हैं,
गुलज़ार जिन्दगी को नज़र लगा दी,
लगा दी इतनी कि न कोई हिसाब है,
‘जो कुछ बची है’उनके हवाले किया मैंने,
उनके दिल की दहलीज़ को छुआ मैंने।।4।।

रुसवा-निन्दा, अपमान दहलीज-देहरी
©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 140 Views
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