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14 Nov 2022 · 1 min read

💐मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की💐

##वैधव्य##

मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की,
शुक्रिया कब कहें? क्यों कहें?किसी से,
जिन्दगी जी रहें हैं, अपनी ख़ुशी से,
सितम जो किये हैं एहसान जैसे,
कोई बात न बची अब कहने की,
मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की।।1।।
नूर ही न रहे तो रंग कैसा,
तुम ही न रहे तो जमाना कैसा,
मुक्कदर से साथ निभाने वाले,
बादल से कहते थे बरस जाने की,
मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की।।2।।
तुम्हें किस निगाह से देंखे अब,
दिल के अरमान मिट गए सब,
बस बचा हकीक़त का मंजर,
मरे पर भी चोट दी खंजर की,
मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की।।3।।
फ़कत उदासी ही बची है,
अर्थी ख़्यालों की सजी है,
सुनो नेक इरादों वालो,
जिन्दगी दी है एक दो पल की,
मिटा बजूद ही शर्त है,आपसे मिलने की।।4।।

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 1 Comment · 49 Views
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