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3 Dec 2022 · 1 min read

🐾🐾अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ🐾🐾

##वैधव्य##
##मणिकर्णिका##
##हे बौनी, हे बौने कुछ असर मालूम पड़ रहा है##
##शान्त बिखराब, एक दम शान्त बिखराब##
##तेरे रक्त से प्रेत नहाएंगे##
##मणिकर्णिका पर नाचना, बौनी,डेढ़ फुटिया##
##हे बौने,तू अपने दिन गिन##
##नमूने कैसे हैं##
##छोडूँगा नहीं##

अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।
अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।।
हकीक़त की बानगी पर,
तुम्हें तमाशा न कहा था,
तुम्हें रहबर कहा था,
तुम्हें जिन्दगी कहा था,
हर लम्हें के संग तुम्हें सोच रहा हूँ,
अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।।1।।
कोई सूरत कोई मूरत न बनेगी,
हर इक बात, अपनी बात कहेगी,
छूट गया गया है हाथ, तेरे हाथ से,
कोई मुलाकात अब कैसे बनेगी,
तू दूर है,फिर भी तेरे संग रोज़ रहा हूँ,
अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।।2।।
मेरी तक़दीर के मायने अलग हैं,
तेरी तस्वीर के मायने अलग हैं,
अब चलेंगे साथ बनकर,
तो ज़माने के आईने अलग हैं,
तू समुन्दर था,मैं तेरी मौज रहा हूँ,
अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।।3।।
हर बार तुम मिले मुझसे,
मैं भी नई तरक़ीब से मिला,
बीतेंगे तेरे बिन सब सावन,
न अब शिकवा है न कोई गिला,
वास्ते तेरे बने ख़्यालों को अब तोड़ रहा हूँ,
अपने नक़्शे पा पर तुम्हें खोज रहा हूँ।।4।।
©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 213 Views
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