Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jun 2016 · 1 min read

.? उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ?

******************************************
मधुर मुस्कान से मेरी , पराजय जीत में बदले ।

उदासी को दिखा आशा, मधुर संगीत में बदले ।

उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ,

भुला कर गम ज़माने के, सुखों की रीत में बदले ।**************************************
वीर पटेल

Language: Hindi
345 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
पर्यावरण दिवस
पर्यावरण दिवस
Satish Srijan
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
कितना कोलाहल
कितना कोलाहल
Bodhisatva kastooriya
किसी से मत कहना
किसी से मत कहना
Shekhar Chandra Mitra
हे पैमाना पुराना
हे पैमाना पुराना
Swami Ganganiya
इधर उधर की हांकना छोड़िए।
इधर उधर की हांकना छोड़िए।
ओनिका सेतिया 'अनु '
बहाव के विरुद्ध कश्ती वही चला पाते जिनका हौसला अंबर की तरह ब
बहाव के विरुद्ध कश्ती वही चला पाते जिनका हौसला अंबर की तरह ब
Dr.Priya Soni Khare
अभिनय चरित्रम्
अभिनय चरित्रम्
मनोज कर्ण
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
नेताम आर सी
मेरी ख़्वाहिश
मेरी ख़्वाहिश
Dr fauzia Naseem shad
23/157.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/157.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जमाने की नजरों में ही रंजीश-ए-हालात है,
जमाने की नजरों में ही रंजीश-ए-हालात है,
manjula chauhan
🌸Prodigy Love-48🌸
🌸Prodigy Love-48🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
फौजी की पत्नी
फौजी की पत्नी
लक्ष्मी सिंह
एक  चांद  खूबसूरत  है
एक चांद खूबसूरत है
shabina. Naaz
सफर या रास्ता
सफर या रास्ता
Manju Singh
15- दोहे
15- दोहे
Ajay Kumar Vimal
*वहीं पर स्वर्ग है समझो, जहाँ सम्मान नारी का 【मुक्तक】*
*वहीं पर स्वर्ग है समझो, जहाँ सम्मान नारी का 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
Neelam Sharma
फादर्स डे ( Father's Day )
फादर्स डे ( Father's Day )
Atul "Krishn"
मान जा ओ मां मेरी
मान जा ओ मां मेरी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तेरी फ़ितरत, तेरी कुदरत
तेरी फ़ितरत, तेरी कुदरत
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"परिवार एक सुखद यात्रा"
Ekta chitrangini
ये
ये "इंडियन प्रीमियर लीग" है
*Author प्रणय प्रभात*
तपन ऐसी रखो
तपन ऐसी रखो
Ranjana Verma
ठुकरा दिया है 'कल' ने आज मुझको
ठुकरा दिया है 'कल' ने आज मुझको
सिद्धार्थ गोरखपुरी
अस्मिता
अस्मिता
Shyam Sundar Subramanian
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"नंगे पाँव"
Pushpraj Anant
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
The_dk_poetry
Loading...