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15 Jun 2016 · 1 min read

.? उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ?

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मधुर मुस्कान से मेरी , पराजय जीत में बदले ।

उदासी को दिखा आशा, मधुर संगीत में बदले ।

उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ,

भुला कर गम ज़माने के, सुखों की रीत में बदले ।**************************************
वीर पटेल

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
294 Views
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