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17 Dec 2022 · 1 min read

🌺🌹रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं🌹🌺

##मणिकर्णिका##
##हे बौनी, क्या हाल चाल है##
##कल पड़ेगा गीत##😉😉
##सूचना लेट मिली##

रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं,
रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं,
हम चले किस गली, न यह मालूम था,
वो मिलेंगे हमें यह अन्दाज था,
एक झोके की मानिद बहते गए,
वो लूटते रहे, यह अन्जाम था,
जिन्दगी बंजर नजर आती है,
रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं।।1।।
कभी न मालूम था, इश्क़ का ये क़हर,
बड़े सम्भल कर लगाया था यह शजर,
क़रार था और हिदायत भी थी,
सब जानकर किया दर बदर,
हर बात ज़हर नज़र आती है,
रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं।।2।।
साथ रहेंगे कहकर, अकेले चले गए,
हम चुप रहे, जाने क्या-क्या कहते चले गए,
ख़्यालों की अंजुमन में डूबे हुए थे हम,
वो दिल में खंजर चुभोते चले गए,
‘यादें जहन हैं’ वे भी नज़र आतीं हैं,
रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं।।3।।
एक रात रोया बहुत रोया मैं,
करवटें बदल बदल कर सोया मैं,
ग़म की चिंगारी आग बन गई,
लम्हे लम्हे पर जाने क्या-क्या खोया मैं,
उनकी हाँ भी इनकार नजर आती है,
रातें बहुत अजीब नज़र आतीं हैं।।4।।
©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
Tag: गीत
127 Views
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