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28 Jun 2023 · 1 min read

🌹 वधु बनके🌹

🌹 वधु बनके🌹

महसूस कर तेरा यौवन
काँपता है मेरा तन।
केश शीतल छाँव सा
खुशबू भीनी-भीनी गुलशन।।
🌹
नयनों के कटार से
काटते धागे ब्रह्मचर्य का।
बुदबुदाते होंठ मुस्काये
महकती रातरानी ऐश्वर्य का।।
🌹
जाने कब आओगी बनठन।
राह पड़े अभी कितने अड़चन।।
🌹
धैर्य बांधे चुप हूँ सागर सा
भावनाएं ही इठलाती हैं।
शीत लुढ़कती मेरे हृदय में
जो तू गलियों में बलखाती है।।
🌹
पलटती तू जैसे दिखती अगहन।
जाने कब आओगी बनठन ।।
🌹
रोम-रोम सिहर जाता है
झरनों में गौरया बन इतराती हो।
ना जाने मंत्रमुग्ध हो जाता हूँ
बनके हवा फूलों को सहलाती हो।
🌹
मेरे जीवन को बनाने मधुबन
आ जा खुशियों की डोली सजाए वधु बन।।

🔥सुरेश अजगल्ले”इंद्र” 🔥
खरौद

Language: Hindi
1 Like · 125 Views
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